ग़ाज़ा में गरिमा बहाली: मलबे व कूड़े-कचरे की सफ़ाई में व्यापक शिरकत

ग़ाज़ा में दो वर्ष के युद्ध से हुई भीषण तबाही से उबरने के प्रयास में, इस क़ाबिज़ फ़लस्तीनी क्षेत्र की गरिमा को बहाल करने के लिए लोगों में ख़ास जज़्बा नज़र आ रहा है. शनिवार को हुए शुरुआती सफ़ाई स्तर में, युद्ध में तबाह हुई इमारतों के मलबे को हटाने और सफ़ाई का काम आरम्भ हुआ है जिसमें स्थानीय संगठनों के साथ-साथ यूएन एजेंसियों ने भी शिरकत की है.

ग़ाज़ा में मलबा हटाने का काम बहुत विशाल है और इसके स्तर को देखते हुए, पुनर्बहाली प्रयासों व्यापक भागेदारी के साथ स्थानीय सक्रियता नज़र आ रही है.

ग़ाज़ा के सिटी सैंटर में शुरू हुए इस आरम्भिक अभियान में यूएन अधिकारियों, स्वैच्छिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने हाथ बँटाया. इनमें से बहुत से निवासी हाल ही में ग़ाज़ा पट्टी के दक्षिणी इलाक़े से वापिस लौटे हैं.

इन्हीं में एक महिला भी थी जो व्हीलचेयर पर बैठी थी और उसने ग़ाज़ा के पुनर्निर्माण को अपना समर्थन जताने के लिए, अपने हाथों पर एक तख़्ती पकड़ी हुई थी. उस पर लिखा था – “हम ग़ाज़ा को फिर से बनाएंगे”.

फ़लस्तीनी ग़ैरसरकारी संगठनों के नैटवर्क के निदेशक अमजद अल-शवा कहते हैं कि ग़ाज़ा को फिर से उसकी बुनियाद पर खड़ा करने की यह पहल, दुनिया को एक सन्देश देने की कोशिश है कि ग़ाज़ा के लोग, अपने शहर में जीवन बहाल करने में सक्षम हैं.

ग़ाज़ा की रूह बहाल करने का अभियान

अमजद कहते हैं कि विशेषीकृत टीमों ने मलबा हटाने के लिए विशेष समाधानों को नज़र में रखते हुए अपना काम शुरू किया है जिसके तहत 6 करोड़ टन से भी अधिक मलबा हटाया जाएगा, जो युद्ध के दौरान, इमारतों, घरों और बुनियादी ढाँचे के विनाश के कारण उत्पन्न हुआ है.

उन्होंने कहा, “आज का स्वैच्छिक अभियान एक बहुत लम्बी प्रक्रिया की बिल्कुल शुरुआत है जो तब तक चलेगी जब तक कि ग़ाजा को अतीत की तुलना में कहीं अधिक सुन्दर नहीं बना दिया जाता है.”

संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों भी सफ़ाई प्रयासों में अपना हाथ बँटा रही हैं, और स्थानीय प्रयासों को अपना समर्थन व्यक्त किया है.

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम – UNDP के एक अधिकारी अलैस्सान्द्रो मराकिक कहते हैं कि सफ़ाई अभियानों में स्थानीय अधिकारियों, सिविल सोसायटी संगठनों, और चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के साथ मिलकर काम किया जा रहा है.

अलैस्सान्द्रो कहते हैं, “हमने आज देखा कि लोग अपने शहर में वापिस लौट रहे हैं और रास्तों – गलियों में व्यवस्था बहाल करने के साथ-साथ, अपने शहर की गरिमा को बहाल करने की मुहिम का हिस्सा बन रहे हैं.”

इस सफ़ाई अभियान के तहत ठोस कूड़ा-कचरा को हर दिन एकत्र किया जाना शामिल है. साथ ही सर्दी के मौसम की आमद को देखते हुए, जल आपूर्ति व गन्दे पानी के उपयुक्त प्रबन्धन की भी तैयारियाँ की जा रही हैं.

सड़कों पर से मलबा हटाने के लिए विशेषीकृत मशीनें व ट्रक तैनात कि गए हैं. साथ ही सार्वजनिक स्थानों को साफ़ करने के लिए काम में लगे लोगों की मदद करने के लिए, बहुत से लोग स्वेच्छा से भी इस काम में जुड़ रहे हैं.

Source: UN News Hindi

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