(अजय शुक्ल) हमारा लंबे समय से यह मानना रहा है कि सोनम वांगचुक RSS के एजेंडे पर काम कर रहे हैं—”सत्ता हमारी, और विपक्ष भी…
View More RSS के एजेंडे और CJP-सोनम वांगचुक को समझें…!श्रेणी: Analysis
मोदी सिर्फ प्रधानमंत्री नहीं एक इंसान के तौर पर फेल हुये हैं
(प्रशांत टंडन) मोदी जी गर्मी में गन्ने का जूस और जाड़ों में मूंगफली का ठेला लगाने लगाने वाली मौसमी जुमलेबाजी से अब युवाओं को झांसा…
View More मोदी सिर्फ प्रधानमंत्री नहीं एक इंसान के तौर पर फेल हुये हैंशेख भिखारी अंसारी : आज़ादी की जंग का गुमनाम हीरो जिसे इतिहास ने भुला दिया
1857 की प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की चर्चा जब भी होती है, तो मेरठ, दिल्ली और झांसी के नाम ज़रूर लिए जाते हैं। लेकिन झारखंड की…
View More शेख भिखारी अंसारी : आज़ादी की जंग का गुमनाम हीरो जिसे इतिहास ने भुला दियासोनम वांगचुक का अनशन गांधीवादी नहीं है!
Gurdeep Singh Sappal इस में से हर एक बात ग़लत है। सब से पहले तो ये जान लीजिए कि गांधी ने ब्रिटिश के ख़िलाफ़ कभी…
View More सोनम वांगचुक का अनशन गांधीवादी नहीं है!नरेंद्र मोदी की राजनीति का असली आधार क्या है? सत्ता, समाज और लोकतंत्र पर एक दृष्टिकोण
(प्रशांत टंडन) कौन हैं नरेंद्र मोदी? राहुल गांधी मोदी को कॉम्प्रोमाइज्ड पीएम कहते हैं. क्या मोदी ट्रंप, नेतन्याहू या कॉर्पोरेट की कठपुतली हैं? कुछ हद…
View More नरेंद्र मोदी की राजनीति का असली आधार क्या है? सत्ता, समाज और लोकतंत्र पर एक दृष्टिकोणऔर आरएसएस ने खुद ही राम मंदिर आंदोलन खत्म कर दिया:
(प्रशांत टंडन) चंदा और चढ़ावा चोरी की FIR और राम मंदिर ट्रस्ट के कर्ताधर्ता चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्र के इस्तीफों के बाद मंदिर…
View More और आरएसएस ने खुद ही राम मंदिर आंदोलन खत्म कर दिया:राजनीति बहुत निर्मम होती है इसलिए इसकी समीक्षा भी।
(शकील अख्तर) तृणमूल कांग्रेस अब कभी खड़ी नहीं हो पाएगी। मगर एक और टूट के बाद भी शिवसेना उद्धव ठाकरे को बीजेपी खत्म नहीं कर…
View More राजनीति बहुत निर्मम होती है इसलिए इसकी समीक्षा भी।मुद्दों से ध्यान भटकाने का भाषायी खेल: तवलीन सिंह का ट्वीट और राजनीतिक पाखंड
By : त्रिभुवन प्रख्यात पत्रकार तवलीन सिंह का यह ट्वीट भाषायी चिंता नहीं, राजनीतिक पाखंड की एक बहुत महीन मिसाल है। राहुल गांधी कोटा में…
View More मुद्दों से ध्यान भटकाने का भाषायी खेल: तवलीन सिंह का ट्वीट और राजनीतिक पाखंडसंघ, संविधान और रजिस्ट्रेशन: प्रियंक खरगे ने क्यों छेड़ी 100 साल पुरानी बहस?
By : Shakeel Akhtar कर्नाटक के गृहमंत्री प्रियांक खरगे ने जो मुद्दे उठाए हैं ठीक वही गांधी जी की हत्या के बाद उस समय के…
View More संघ, संविधान और रजिस्ट्रेशन: प्रियंक खरगे ने क्यों छेड़ी 100 साल पुरानी बहस?भारत में धर्मांतरण-विरोधी कानून: न केवल अल्पसंख्यक-विरोधी, बल्कि दलित-विरोधी भी
एस आर दारापुरी आईपीएस (से. नि.) भारत के करीब बारह राज्यों में धर्मांतरण-विरोधी कानून, जिन्हें औपचारिक रूप से ‘धर्म की स्वतंत्रता अधिनियम’ (Freedom of Religion…
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