By : प्रशान्त टंडन राहुल गांधी ने पहाड़ को धक्का दिया है: मैंने राहुल गांधी को कभी उस चश्मे से नहीं देखा जो कॉर्पोरेट ने…
View More भारत जोड़ो से विचार जोड़ो तक: कांग्रेस की वैचारिक वापसी की कहानीश्रेणी: opinion
भारत में धर्मांतरण-विरोधी कानून: न केवल अल्पसंख्यक-विरोधी, बल्कि दलित-विरोधी भी
एस आर दारापुरी आईपीएस (से. नि.) भारत के करीब बारह राज्यों में धर्मांतरण-विरोधी कानून, जिन्हें औपचारिक रूप से ‘धर्म की स्वतंत्रता अधिनियम’ (Freedom of Religion…
View More भारत में धर्मांतरण-विरोधी कानून: न केवल अल्पसंख्यक-विरोधी, बल्कि दलित-विरोधी भीगंगा-जमुनी संस्कृति का पुनर्जीवन: समय की पुकार
आमिर सुहैल वानी भारत की सभ्यता का इतिहास किसी एक परंपरा, एक धर्म या एक विचारधारा की कहानी नहीं है, बल्कि यह निरंतर संवाद, समायोजन…
View More गंगा-जमुनी संस्कृति का पुनर्जीवन: समय की पुकारदेस-परदेस : ‘ट्रंप-टैंट्रम’ के बाद यूरोप से ‘मदर ऑफ ऑल डील्स!’
गणतंत्र दिवस की परेड एक तरफ भारत की सांस्कृतिक-विविधता और सामरिक शक्ति का प्रदर्शन करती है, वहीं विदेश-नीति की झलक भी पेश करती है. कम…
View More देस-परदेस : ‘ट्रंप-टैंट्रम’ के बाद यूरोप से ‘मदर ऑफ ऑल डील्स!’भारतीय संविधान: पसमांदा समाज की ढाल और वजूद का दस्तावेज
By अब्दुल्लाह मंसूर 26 जनवरी कोई रस्मी तारीख़ नहीं है। यह वह दिन है जब हिंदुस्तान ने सदियों पुरानी मनमानी सत्ता, जातिगत ऊँच-नीच और धार्मिक…
View More भारतीय संविधान: पसमांदा समाज की ढाल और वजूद का दस्तावेजसबकी सोच बदलने की एक कोशिश
By : हरजिंदर कहा जाता है कि समाज की समस्याओं से लड़ने का सबसे अच्छा हथियार है साहित्य। बदकिस्मती से इस समय जब ऐसी समस्याएं…
View More सबकी सोच बदलने की एक कोशिशजाट समाज और राजनीति के बीच का छलावा
– के. पी. मलिक पश्चिम यूपी की शान “गठवाला खाप की पगड़ी” जो कभी जाट समाज की अस्मिता, अनुशासन और आत्मगौरव का प्रतीक हुआ करती…
View More जाट समाज और राजनीति के बीच का छलावाएनडीए की ऐतिहासिक जीत और लोकतांत्रिक प्रक्रिया? रणनीति, सामाजिक समीकरण और मतदाता वर्गों की बदली प्राथमिकताओं का परिणाम! – के. पी. मलिक
के. पी. मलिक बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की ऐतिहासिक जीत ने राज्य की राजनीति में नई शक्ति-संतुलन और चर्चाओं को जन्म दे दिया…
View More एनडीए की ऐतिहासिक जीत और लोकतांत्रिक प्रक्रिया? रणनीति, सामाजिक समीकरण और मतदाता वर्गों की बदली प्राथमिकताओं का परिणाम! – के. पी. मलिकआज़ादी, तालीम और तहरीक का संगम: जामिया मिलिया इस्लामिया का इतिहास
– मुहम्मद शाहीन तहरीक-ए-ख़िलाफ़त और असहयोग तहरीक के समय सरकारी इदारों का विरोध हुआ। तब सरफ़रोशों की तालीम के लिए अलीगढ़ (बाद में दिल्ली) में…
View More आज़ादी, तालीम और तहरीक का संगम: जामिया मिलिया इस्लामिया का इतिहास“फतेहपुर सीकरी से तुज़ुक-ए-जहाँगीरी तक: अकबर की मन्नत से जन्मे बादशाह जहाँगीर की कहानी”
31 अगस्त 1569 ई. को, फतेहपुर सीकरी में नूरुद्दीन मोहम्मद सलीम जहांगीर की पैदाइश हुई थी। सलीम की पैदाइश शहंशाह अकबर की लंबी-चौड़ी मिन्नतों का…
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