इसराइल ने लेबनान में हिज़बुल्लाह लड़ाकों को फिर से निशाना बनाकर हमले किए जाने की घोषणा की है, जिसके बाद एक बार फिर राजधानी बेरूत के दक्षिणी हिस्सों से हज़ारों लोगों के सुरक्षित स्थान की तलाश में घर छोड़कर जाने की ख़बर है.
लेबनान में हाल ही में युद्धविराम की अवधि बढ़ने के बावजूद वर्तमान हालात पर चिन्ता व्याप्त है. इन परिस्थितियों में, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियाँ हिंसक टकराव के कारण विस्थापित होने वाले लोगों तक समर्थन पहुँचाने में जुटी हैं.
यूएन शरणार्थी संगठन (UNHCR) ने सोशल मीडिया पर अपने एक सन्देश में बताया कि स्थानीय परिवार अपना ज़रूरी सामान लेकर किसी भी तरह, कार, मोटरसाइकिल और पैदल ही घर छोड़कर जा रहे हैं. अनेक अन्य लोग आश्रय स्थलों की ओर लौट रहे हैं और भय व अनिश्चितता गहरा रही है.
वहीं, लेबनान में यूएन की विशेष समन्वयक जिनीन-हैनिस प्लाशर्ट ने अपने एक ट्वीट में कहा कि दक्षिणी लेबनान लपटो में है, जबकि बेरूत की सड़कें अपने घर से भाग रहे लोगों से अवरुद्ध हो चुकी हैं, और पीड़ा गहरी हो रही है.
लेबनान में मौजूदा संकट, वृहद मध्य पूर्व क्षेत्र में पसरी अशान्ति का ही हिस्सा है. 28 फ़रवरी को इसराइल व संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान पर बमबारी की थी, जिसके जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों व इसराइल पर ड्रोन व मिसाइल हमले किए.
इसके बाद, लेबनान में हिज़बुल्लाह ने ईरान के समर्थन में इसराइल पर रॉकेट हमले किए और फिर इसराइली सैन्य बलों ने बड़े पैमाने पर वहाँ अपनी जवाबी कार्रवाई शुरू की.
संयुक्त राज्य अमेरिका की मध्यस्थता में लेबनान और इसराइल के बीच 17 अप्रैल को युद्धविराम लागू हो गया था, लेकिन दोनों ही पक्षों ने इसका पूर्ण रूप से पालन नहीं किया है. इसकी अवधि दो बार बढ़ाई जा चुकी है और 16 मई को इसमें 45 दिन का विस्तार किया गया.
आपात स्थिति, महंगाई
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WFP) के अनुसार, लेबनान में हिंसक टकराव भड़के लगभग तीन महीने हो चुके हैं, बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हैं, खाद्य असुरक्षा का शिकार हैं और इससे एक आपात स्थिति उपजी है.
10 लाख से अधिक आम नागरिक बेघर हुए हैं. खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, देश भर में 12 लाख से अधिक लोगों, यानि क़रीब एक-चौथाई आबादी को भरपेट भोजन नहीं मिल पा रहा है.
इसके मद्देनज़र, WFP ने मानवीय सहायता पहुँचाने के लिए राहत मार्ग की निरन्तर उपलब्धता पर बल दिया है, जिसके साथ सहायता आपूर्ति का बेरोकटोक प्रवाह और अनुमान के अनुसार वित्तीय संसाधन ज़रूरी होंगे.
लेबनान के अनेक इलाक़ों में भोजन उपलब्ध है लेकिन लड़ाई की वजह से उसकी क़ीमतों में उछाल दर्ज किया गया है. सब्ज़ियों के दाम 20 प्रतिशत तक बढ़े हैं जबकि ब्रैड की क़ीमत में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.
हाल ही में, 250 मीट्रिक टन आटे की एक खेप, जॉर्डन के रास्ते लेबनान पहुँची है, जिसे अब लगभग 10 हज़ार घर-परिवारों को मुहैया कराया जा रहा है.
गर्म भोजन, नक़दी सहायता
चिन्ताजनक परिस्थितियों के बीच, WFP ने अपने सहायता प्रयास तेज़ किए हैं और 7 लाख से अधिक लोगों को गर्म भोजन, खाने के लिए तैयार राशन और भोजन पैकेट मुहैया कराए गए हैं.
2.15 लाख विस्थापितों ने देश भर में 500 से अधिक आश्रय केन्द्रों में शरण ली हुई है, जिन तक ज़रूरी समर्थन पहुँचाया गया है. उनके अलावा, मेज़बान समुदाय के और दूरदराज़ के इलाक़ों में रह रहे 85 हज़ार लोगों को भी मदद दी गई है.
यूएन एजेंसी ने लेबनान में लगभग 5 लाख लोगों के लिए आपात नक़दी समर्थन की व्यवस्था की है और एक लाख सीरियाई शरणार्थियों को नक़दी मदद मुहैया कराई गई है.
हिंसक टकराव शुरू होने के बाद से अब तक, 24 मानवतावादी क़ाफ़िलों को लेबनान में स्थानीय समुदायों के लिए तैनात किया गया है, लेकिन सहायता मार्ग की उपलब्धता एक चुनौती है. 50 फ़ीसदी से अधिक अनुरोधों को स्वीकृति मिलने में देरी हुई है या फिर जोखिमों की वजह से उन्हें स्थगित करना पड़ा है.
Source : UN News
