इज़राइली जेलों में बंद फ़िलिस्तीनी महिलाओं की स्थिति को लेकर चिंताएं लगातार गहराती जा रही हैं। फ़िलिस्तीनी क़ैदियों के अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन Palestinian Prisoners’ Society (PPS) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार तड़के चार फ़िलिस्तीनी युवतियों की गिरफ्तारी के बाद महिला क़ैदियों की संख्या बढ़कर 89 हो गई है।
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक़, इन 89 महिलाओं में तीन नाबालिग लड़कियां, तीन गर्भवती महिलाएं, बिना किसी आरोप या मुक़दमे के प्रशासनिक हिरासत में रखी गई 19 महिलाएं और कैंसर से पीड़ित दो महिलाएं शामिल हैं। अधिकांश महिलाओं को डेमन जेल में रखा गया है, जबकि कुछ अभी भी पूछताछ और हिरासत केंद्रों में हैं।
PPS का कहना है कि जेलों के भीतर इन महिलाओं को बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कई महिला क़ैदी भूख, चिकित्सकीय उपेक्षा, एकांत कारावास और लगातार दुर्व्यवहार झेल रही हैं। जेलों में भीड़भाड़ इतनी अधिक बताई गई है कि कुछ महिलाओं को फ़र्श पर सोने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
संगठन के अनुसार, हाल के महीनों में जेलों के भीतर दमन और सख़्ती में और वृद्धि हुई है। महिला क़ैदियों पर कथित शारीरिक हमलों, अपमानजनक तलाशी और विभिन्न दंडात्मक कार्रवाइयों की घटनाएं सामने आ रही हैं। साथ ही, “उकसावे” के आरोपों में गिरफ्तारियां और गुप्त दस्तावेज़ों के आधार पर प्रशासनिक हिरासत का इस्तेमाल भी जारी है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 760 से अधिक फ़िलिस्तीनी महिलाओं को गिरफ्तार किया जा चुका है। PPS का कहना है कि यह आंकड़ा महिलाओं के खिलाफ़ चलाए जा रहे गिरफ्तारी अभियान के बढ़ते दायरे को दर्शाता है।
सबसे अधिक चिंता उन महिलाओं को लेकर जताई गई है जो गंभीर बीमारियों से जूझ रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कैंसर और अन्य पुरानी बीमारियों से पीड़ित महिला क़ैदियों की स्वास्थ्य स्थिति लगातार बिगड़ रही है। संगठन का आरोप है कि पर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं की कमी, भूख और उपेक्षा के कारण जेलों के भीतर बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है।
PPS ने इन हालात को फ़िलिस्तीनी क़ैदियों के खिलाफ़ व्यापक दुर्व्यवहार का हिस्सा बताते हुए सभी महिला बंदियों की तत्काल रिहाई की मांग की है। संगठन ने विशेष रूप से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से पीड़ित महिलाओं की रिहाई पर ज़ोर दिया है।
फ़िलिस्तीनी मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, वर्तमान में इज़राइली जेलों में 9,600 से अधिक फ़िलिस्तीनी बंद हैं। इनमें लगभग 350 बच्चे और 90 महिलाएं शामिल हैं। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि हिरासत में रखे गए लोगों के साथ यातना, चिकित्सकीय उपेक्षा और अन्य गंभीर उल्लंघनों की रिपोर्टें लगातार सामने आ रही हैं।
ऐसे में महिला क़ैदियों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं, नाबालिग लड़कियों और गंभीर बीमारियों से जूझ रही बंदियों की स्थिति को लेकर चिंता और सवाल दोनों तेज़ होते जा रहे हैं।
