इज़रायली सेना ने बुधवार सुबह पश्चिमी तट के बेथलेहम क्षेत्र में तीन फ़िलिस्तीनी घरों को बुलडोज़र से ध्वस्त कर दिया। सेना का कहना है कि ये मकान बिना निर्माण परमिट के बनाए गए थे। हालांकि, इस कार्रवाई ने प्रभावित इलाकों में एक बार फिर तनाव बढ़ा दिया।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इज़रायली सैनिक भारी सुरक्षा और बुलडोज़रों के साथ बेथलेहम के दक्षिण-पश्चिम में स्थित नाहालिन कस्बे के क़रनत अल-दामास इलाके में पहुंचे। यहां दो फ़िलिस्तीनी घरों को गिरा दिया गया। इन मकानों में रहने वाले परिवारों को एक सप्ताह पहले ही घर खाली करने के लिए मजबूर कर दिया गया था। ध्वस्त किए गए दोनों मकान अहमद नजाजीरा और मोहम्मद अवाद के थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह कार्रवाई नाहालिन में चल रहे व्यापक ध्वस्तीकरण अभियान का हिस्सा है। इससे पहले भी इज़रायली सेना इस क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में 14 घरों और अन्य ढांचों को निशाना बना चुकी है।
इसी दिन इज़रायली सैनिकों की मौजूदगी में बुलडोज़रों ने बेथलेहम के दक्षिण में स्थित अल-मनिया गांव में एक और फ़िलिस्तीनी घर को भी ध्वस्त कर दिया।
रिपोर्ट में एक अन्य घटना का भी ज़िक्र किया गया है। 1948 के कब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन के अरब शहर अल-बीइना में एक फ़िलिस्तीनी परिवार को पहले उसके घर से बेदखल किया गया और उसके बाद बुलडोज़र चलाकर मकान गिरा दिया गया। यह घर मुनीर बकरी के परिवार का था।
घर गिराए जाने का विरोध करने के लिए स्थानीय लोग मौके पर इकट्ठा हुए, जिसके बाद इलाके में झड़पें हुईं। रिपोर्ट के अनुसार, विरोध के दौरान इज़रायली बलों ने कई नागरिकों के साथ मारपीट की और कई लोगों को हिरासत में भी लिया।
