गाज़ा में 950,000 बेघर फ़िलिस्तीनियों पर महा-संकट! सैलाब और भुखमरी का ख़तरा बढ़ा

गाज़ा पट्टी में बेघर हुए करीब 20 लाख फिलिस्तीनियों पर सर्दियों की शुरुआत के साथ ही भुखमरी और भीषण बाढ़ (सैलाब) का महा-संकट मंडरा रहा है। संयुक्त राष्ट्र (UN News) की रिपोर्टों के अनुसार, भारी बारिश के कारण विस्थापित लोगों के सैकड़ों तंबू पहले ही जलमग्न हो चुके हैं, और फंड की भारी कमी के कारण विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने लाखों लोगों की खाद्य सहायता में भारी कटौती कर दी है।

गाज़ा में लगभग 9,500,000 विस्थापित लोग ऐसे निचले इलाकों और मलबे से भरे क्षेत्रों में रह रहे हैं, जहां बाढ़ का मध्यम से उच्च जोखिम है। इसमें से 4 लाख से अधिक लोग अत्यधिक उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में हैं।

अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) के अनुसार, तंबुओं को वाटरप्रूफ बनाने, लकड़ी, तिरपाल और सैंडबैग जैसी जरूरी राहत सामग्री इजरायली प्रतिबंधों के कारण गाज़ा में समय पर नहीं पहुंच पा रही है। विस्थापित लोग भुखमरी से बचने के लिए मिले आटे के खाली बोरों में रेत भरकर पानी को रोकने के लिए अस्थायी बांध बनाने को मजबूर हैं।

विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने बजट की भारी कमी के चलते गाज़ा में करीब 5 लाख लोगों की मासिक खाद्य सहायता रोक दी है। गाज़ा में सहायता प्राप्त करने वाले लोगों की कुल संख्या 16 लाख से घटकर अब केवल 11 लाख रह गई है।

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