भारत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह आतंकवाद को लेकर सिर्फ बातें नहीं करता, बल्कि ठोस कदम भी उठाता है। दुनिया को सच्चाई से रूबरू कराने के लिए भारत ने सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों को 33 देशों के दौरे पर भेजा। ये प्रतिनिधिमंडल सिर्फ औपचारिकता निभाने नहीं, बल्कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की परतें खोलने और भारत की स्पष्ट नीति को सामने रखने निकले।
राज्यसभा में विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने जानकारी दी कि इन प्रतिनिधिमंडलों में अलग-अलग राजनीतिक दलों के सांसद, वरिष्ठ राजनयिक और प्रभावशाली हस्तियां शामिल थीं। उनका एक ही संदेश था—भारत आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है, और यह लड़ाई सीमाओं से परे जाकर लड़ी जाएगी।
इन दौरों के दौरान प्रतिनिधिमंडलों ने पहलगाम आतंकी हमले और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सच्चाई साझा की। फर्जी प्रचार के खिलाफ साक्ष्य पेश किए और पाकिस्तान की भूमिका पर सीधी उंगली उठाई।
विभिन्न देशों में इन प्रतिनिधिमंडलों का गर्मजोशी से स्वागत हुआ। कार्यपालिका, मीडिया, थिंक टैंक और प्रवासी भारतीय समुदाय से सार्थक संवाद हुआ।
खास बात यह रही कि जिन देशों का दौरा किया गया, उन्होंने भारत के आत्मरक्षा के अधिकार को खुलकर समर्थन दिया और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की कड़ी निंदा की।
भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है—आतंकवाद चाहे सीमा पार से आए या शब्दों के जाल में छिपे, उसका जवाब मजबूती और सच्चाई से दिया जाएगा।
