ग़ज़ा में अब भी 10,000 से ज़्यादा लोग मलबे के नीचे दबे, राहत कार्य ठप

ग़ज़ा में जारी तबाही और मानवीय संकट के बीच एक दर्दनाक रिपोर्ट सामने आई है। ग़ज़ा मिसिंग पर्सन्स कमिटी के मुताबिक़, 10,000 से ज़्यादा लोग अब भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं, जिन्हें अब तक निकाला नहीं जा सका। लगातार जारी “इसराइली” नाकाबंदी के कारण राहत और बचाव अभियान पूरी तरह से रुक गए हैं।

राष्ट्रीय लापता व्यक्तियों की समिति ने गुरुवार को बताया कि हज़ारों लोग उन इमारतों के नीचे फंसे हैं जो युद्ध में पूरी तरह ढह गईं। इसके अलावा समिति ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि विशेष बचाव टीमें और ज़रूरी उपकरण तुरंत ग़ज़ा भेजे जाएँ, ताकि इन लापता लोगों को खोजा जा सके। समिति ने अपने बयान में कहा, “यह एक मानवीय मिशन है, जिसमे और देर नहीं की जा सकती।”

ग़ज़ा स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक राहत और सिविल डिफेंस टीमें कई इलाक़ों तक नहीं पहुंच पा रही हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग अब भी मलबे के नीचे फंसे हैं।

वहीं, ग़ज़ा की इमरजेंसी ऑपरेशंस टीम ने संयुक्त राष्ट्र को आगाह किया है कि बुनियादी ढांचे की भारी तबाही के कारण अब बाढ़ आने का खतरा भी बढ़ गया है।

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफ़न दुजारिक ने अक्टूबर में कहा था कि सिर्फ़ ग़ज़ा सिटी में ही 83% इमारतें नष्ट हो चुकी हैं और करीब 81,000 घरों को नुकसान पहुँचा है।

स्थानीय संगठनों का कहना है कि इसराइली नाकाबंदी के कारण राहत उपकरणों और अंतरराष्ट्रीय कर्मियों को ग़ज़ा में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही, जिससे स्थिति और गंभीर होती जा रही है।

जैसे-जैसे युद्ध लंबा खिंच रहा है, स्थिति भयानक हो रही है लापता लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है, और हज़ारों परिवार अब भी अपने प्रियजनों के बारे में किसी सूचना का इंतज़ार कर रहे हैं।

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