गाज़ा में जारी संघर्ष के बीच एक नई रिपोर्ट ने हालात की गंभीरता फिर सामने ला दी है। गाज़ा राइट्स सेंटर (GRC) ने कहा है कि युद्धविराम लागू होने के बाद बीते 47 दिनों में इज़राइली सेना की कार्रवाई में 350 फ़िलिस्तीनी मारे गए हैं। इनमें से 198 लोग वो हैं जिन्हें सबसे अधिक सुरक्षा की ज़रूरत होती है, बच्चे, महिलाएं और बुज़ुर्ग। संगठन ने बताया कि मारे गए लोगों में 130 बच्चे, 54 महिलाएं और 14 बुज़ुर्ग शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, यह मौतें ज़्यादातर उन इलाकों में हुईं जिन्हें समझौते के दौरान “येलो ज़ोन” के रूप में चिन्हित किया गया था और जिन्हें सुरक्षित माना जा रहा था।
हमलों में जान गंवाने वालों के अलावा 889 लोग घायल भी हुए हैं, जिनमें 539 बच्चे, महिलाएं और बुज़ुर्ग शामिल हैं।
इसके अलावा GRC की रिपोर्ट ने यह भी कहा कि पिछले सात हफ़्तों में इज़राइली सेना द्वारा युद्धविराम का “लगातार और व्यवस्थित” उल्लंघन दर्ज किया गया है। संगठन की मॉनिटरिंग टीमों के मुताबिक़ 10 अक्टूबर से अब तक लगभग हर दिन हमले, तोपों से गोलाबारी, सैन्य घुसपैठ, नागरिकों को निशाना बनाना, राहत सामग्री पर रोक और आवाजाही पर पाबंदियाँ देखी गई हैं।
GRC का कहना है कि इन घटनाओं से साबित होता है कि युद्धविराम होने के बावजूद गाज़ा में आम लोगों की मुश्किलें ख़त्म नहीं हुई हैं।
