सोशल मीडिया पर इन दिनों जामिया मिल्लिया इस्लामिया के लेटरहेड पर जारी एक कथित नोटिस वायरल हो रहा है। नोटिस में दावा किया गया है कि रमज़ान के पवित्र महीने में यूनिवर्सिटी कैंपस के भीतर लड़के और लड़कियों का एक साथ खड़ा होना प्रतिबंधित रहेगा। इतना ही नहीं, पोस्ट में यह भी कहा जा रहा है कि अगर कोई छात्र और छात्रा साथ खड़े पाए जाते हैं तो उनका तुरंत निकाह करा दिया जाएगा।
यह दावा तेजी से शेयर किया जा रहा है, जिससे छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
फैक्ट चेक:
Times Headline ने वायरल हो रहे इस नोटिस की सत्यता की जांच की। पड़ताल के दौरान विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट खंगाली गई। वहां 24 फरवरी 2026 को जारी एक आधिकारिक सर्कुलर मिला, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा ‘निकाह’ संबंधी नोटिस पूरी तरह फर्जी है।
सर्कुलर में विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ किया है कि ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है, न ही रमज़ान के दौरान छात्र-छात्राओं के साथ खड़े होने पर किसी प्रकार की कार्रवाई संबंधी कोई निर्देश दिए गए हैं।
इतना ही नहीं, आगे की जाँच में हमारी टीम ने पाया की प्रशासन ने इस फर्जी नोटिस को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली पुलिस की साइबर सेल में शिकायत भी दर्ज कराई है, ताकि भ्रामक सूचना फैलाने वालों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके।
निष्कर्ष
Times Headline की फैक्ट चेक से साफ़ होता है की यह दावा पूरी तरह झूठा और भ्रामक है। जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने छात्र-छात्राओं को लेकर ऐसा कोई ‘निकाह’ नोटिस जारी नहीं किया है। वायरल लेटर फर्जी है और इसे गलत मंशा से सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है।


