वेस्ट बैंक में दो हफ्तों में 192 सेटलर हमले: कई लोगों की मौत, बेदखली और संपत्ति को भारी नुकसान

वेस्ट बैंक में पिछले दो हफ्तों के दौरान इज़राइली सेटलरों द्वारा हमलों में तेज़ी आई है। फिलिस्तीनी वॉल एंड सेटलमेंट रेजिस्टेंस कमीशन के प्रमुख मंत्री मोअय्यद शाबान के अनुसार इस अवधि में वेस्ट बैंक के विभिन्न इलाकों में कुल 192 हमले दर्ज किए गए हैं।

मोअय्यद शाबान ने कहा कि क्षेत्र में चल रहे युद्ध और क्षेत्रीय तनाव का फायदा उठाते हुए सेटलर फिलिस्तीनी गांवों और समुदायों पर हमले तेज़ कर रहे हैं। इन हमलों में नागरिकों पर गोलीबारी, घरों और संपत्तियों को जलाना तथा ज़मीन पर नए हालात थोपने की कोशिशें शामिल हैं। उनके मुताबिक यह हमले अधिक संगठित और व्यापक होते जा रहे हैं।

कई गवर्नरेट में केंद्रित रहे हमले

रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक हमले अल-खलील में हुए, जहां 47 घटनाएं दर्ज की गईं। इसके बाद टुबास में 42, नाबलुस में 35, बेथलेहम में 14 और अधिकृत यरूशलम में 12 घटनाएं सामने आईं। इसके अलावा सलफीत, जेरिको और क़लक़िल्या में भी हमलों की घटनाएं दर्ज की गईं।

हमलों में फिलिस्तीनियों की मौत

पिछले दो हफ्तों में सेटलर हमलों में 6 फिलिस्तीनियों की मौत हुई।

2 मार्च 2026 को नाबलुस के क़रयूत गांव के पूर्वी इलाके में सेटलरों के एक समूह ने हमला कर निवासियों पर गोलीबारी की। इस हमले में दो भाइयों की मौत हो गई जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए।

7 मार्च को अल-खलील के मसाफेर यत्ता क्षेत्र के वादी अल-रखीम में पशु चरा रहे फिलिस्तीनी चरवाहों पर सेटलरों ने गोलीबारी की। इस हमले में एक युवक की मौत हो गई जबकि उसका भाई खालिद घायल हो गया।

8 मार्च को रामल्लाह और अल-बिरेह गवर्नरेट के खिरबत अबू फलाह गांव पर सेटलरों ने हमला किया। यह हमला इज़राइली बलों की मौजूदगी में हुआ। इस दौरान इज़राइली बलों ने निवासियों पर लाइव गोलियां, रबर कोटेड गोलियां, स्टन ग्रेनेड और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इस हमले में तीन फिलिस्तीनियों की मौत हो गई, जिनमें से एक व्यक्ति की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले आंसू गैस के प्रभाव से हो गई। चार अन्य लोग घायल हुए।

बेदुइन समुदायों का जबरन विस्थापन

शाबान के अनुसार हालिया हमलों के कारण चार फिलिस्तीनी बेदुइन समुदायों को जबरन विस्थापित होना पड़ा। इससे 37 परिवारों के 191 लोग प्रभावित हुए, जिनमें 65 महिलाएं और 106 बच्चे शामिल हैं।

  • 8 मार्च को सेटलरों ने उत्तरी जॉर्डन घाटी के येरज़ा समुदाय से 11 परिवारों को विस्थापित कर दिया।
  • 7 मार्च को जॉर्डन घाटी के ईस्टर्न अकाबा समुदाय से 9 परिवारों को बाहर जाने पर मजबूर किया गया।
  • 6 मार्च को नाबलुस के पास दूमा के निकट खिरबत शक़ारा में रहने वाले 13 परिवारों को अपना इलाका छोड़ना पड़ा।
  • 5 मार्च को इसी गवर्नरेट के अरब अल-ज़वाहरा समुदाय को भी विस्थापित किया गया।

नए सेटलमेंट आउटपोस्ट बनाने की कोशिश

रिपोर्ट के मुताबिक पिछले दो हफ्तों में सेटलरों ने 8 नए अवैध सेटलमेंट आउटपोस्ट स्थापित करने की कोशिश की। इनमें मसाफेर यत्ता में टेंट और पशु बाड़े लगाना, यरूशलम के उत्तर-पश्चिम में बैत इक़्सा में आउटपोस्ट बनाना, अबू फलाह गांव की जमीन पर नया टेंट लगाना, तुर्मुस अय्या के पास आउटपोस्ट को फिर से बनाना और सलफीत के यासूफ क्षेत्र में सड़क बनाने के बाद मोबाइल होम रखना शामिल है।

इसके अलावा क़रयूत (नाबलुस) के दक्षिण में आउटपोस्ट को दोबारा बनाना, अल-लुब्बान अल-शर्किया और सलफीत के बीच सड़क किनारे टेंट लगाना, और नाबलुस के उत्तर में माउंट एबाल पर नया आउटपोस्ट स्थापित करना भी शामिल है। इस गतिविधि में समारिया रीजनल काउंसिल और सेटलमेंट संगठन अमाना की भागीदारी भी बताई गई है।

संपत्ति और धार्मिक स्थलों पर हमले

सेटलरों ने फिलिस्तीनी संपत्तियों और खेतों के खिलाफ 46 तोड़फोड़ की घटनाएं अंजाम दीं। इसके अलावा तीन धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाया गया।

इनमें दूमा में मोहम्मद फ़य्याद मस्जिद को जलाने की कोशिश, मजदल बनी फादेल मस्जिद पर हमला, और अल-अक्सा मस्जिद परिसर में लगातार घुसपैठ के साथ फिलिस्तीनियों की पहुंच पर पाबंदियां शामिल हैं।

ज़मीन जब्त करने के सैन्य आदेश

शाबान के अनुसार इज़राइली अधिकारियों ने अल-खलील के उत्तर में बैत उम्मार की जमीन पर सड़क और बुनियादी ढांचा परियोजना को मंजूरी दी है। यह परियोजना प्रस्तावित नए सेटलमेंट इर हा-केरेन के लिए तैयारी का हिस्सा बताई जा रही है, जो करमेई त्सूर और मिगदल ओज़ सेटलमेंट्स को जोड़ने के लिए बनाई जाएगी।

इसी अवधि में इज़राइली अधिकारियों ने 12 सैन्य आदेश जारी कर लगभग 230 डुनम (करीब 57 एकड़) जमीन रामल्लाह, जेनिन, यरूशलम, जेरिको, टुबास, नाबलुस और सलफीत में जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की।

इसके अलावा “सिक्योरिटी मेजर्स” के तहत 13 और सैन्य आदेश जारी कर 863 डुनम जमीन से पेड़ों को हटाने का आदेश दिया गया, जिनमें से 380 डुनम जमीन सिलवद, अत्तारा और ऐन सिनिया गांवों की बताई गई है।

गंभीर स्थिति की चेतावनी

मोअय्यद शाबान ने कहा कि यह आंकड़े सेटलर हिंसा में खतरनाक और व्यवस्थित बढ़ोतरी को दर्शाते हैं। उनके अनुसार यह घटनाएं ऐसी नीतियों के साथ मिलकर सामने आ रही हैं जो सेटलरों को जमीन पर नए हालात थोपने की अनुमति देती हैं।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मानवाधिकार संगठनों से अपील की कि वे अपनी कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी निभाते हुए इन उल्लंघनों को रोकने और फिलिस्तीनी लोगों, उनकी जमीन और पवित्र स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएं।

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