सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक भीड़ को एक व्यक्ति को फांसी पर लटकाते हुए देखा जा सकता है। कई यूजर्स इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा कर रहे हैं कि एक ईसाई व्यक्ति गलती से चप्पल पहनकर मंदिर में प्रवेश कर गया था, जिसके बाद कथित तौर पर हिन्दुओं ने उसे पीट-पीटकर मार डाला।
एक यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए अंग्रेजी में लिखा, जिसका हिन्दी अनुवाद है: ‘कट्टरपंथी हिंदुत्व गिरोह के सदस्यों ने कथित तौर पर एक ईसाई व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी, क्योंकि वह अनजाने में चप्पल पहनकर एक मंदिर में प्रवेश कर गया था।’
बांग्लादेशी पत्रकार Tanvir Chowdhury ने भी इस वीडियो को साझा करते हुए इसी तरह का दावा किया है।
इसके अलावा, कई अन्य यूजर्स भी इसी दावे के साथ वीडियो को वायरल कर रहे हैं। जिसे यहां और यहां देखा जा सकता है।
फैक्ट चेक: सच्चाई क्या है?
Times Headline की जांच में सामने आया कि वायरल किया जा रहा यह वीडियो हाल का नहीं है, बल्कि पुराना है। यह वीडियो पहले भी अप्रैल 2024 में वायरल हो चुका है। उस समय इसे राजस्थान की घटना बताते हुए दावा किया गया था कि एक दलित युवक को सार्वजनिक रूप से फांसी पर लटका दिया गया। हालांकि, इस दावे को राजस्थान पुलिस ने पूरी तरह खारिज कर दिया था।
राजस्थान पुलिस ने स्पष्ट रूप से कहा था: ‘विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल्स पर कुछ असामाजिक तत्व एक #FakeVideo पोस्ट कर घटना #राजस्थान की होने का दावा कर रहे हैं। यह वीडियो पूर्णतया #Fake है, ऐसी कोई घटना यहां हुई ही नहीं है। मामले की जांच की जा रही है, इस प्रकार के वीडियो पोस्ट करने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई।’
आगे की जांच में यह भी सामने आया कि 2024 में इस वीडियो को एक अन्य भ्रामक दावे के साथ शेयर किया गया था, जिसे यहां दिए लिंक क्लिक करके पढ़ा जा सकता है। जिसमें कहा गया था कि ‘नारायण दास’ नामक दलित युवक को मंदिर में मूर्ति के अपमान के कारण फांसी दी गई। यह दावा भी जांच में गलत पाया गया था।
निष्कर्ष
Times Headline के फैक्ट चेक से स्पष्ट है कि वायरल वीडियो और उसके साथ किया जा रहा दावा दोनों भ्रामक हैं। यह वीडियो पुराना है और पहले भी अलग-अलग झूठे दावों के साथ शेयर किया जा चुका है। राजस्थान पुलिस पहले ही इसे फेक बता चुकी है।


