संयुक्त राष्ट्र के शीर्षतम अधिकारी एंतोनियो गुटेरेश ने मध्य पूर्व संकट की पृष्ठभूमि में ईरान और अमेरिका से वार्ता जारी रखने की पुरज़ोर अपील जारी की है. उन्होंने मंगलवार को न्यूयॉर्क मुख्यालय में सुरक्षा परिषद के बाहर पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए क्षोभ जताया कि अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के प्रति सम्मान को क़दमों तले कुचला जा रहा है.
यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा कि मध्य पूर्व और अन्य स्थानों पर मानवतावादी और क़ानूनी दायित्वों के प्रति बेपरवाही बरती गई है, जोकि अफ़रातफ़री, पीड़ा और विध्वंस की वजह बना है.
उन्होंने बताया कि इस सप्ताह उनका नैदरलैंड्स की राजधानी हेग में स्थित, अन्तरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेने का है. इसी महीने, इस विश्व अदालत की स्थापना के 80 वर्ष पूरे हो रहे हैं.
महासचिव गुटेरेश ने कहा कि मध्य पूर्व में भड़का संकट, पूरे क्षेत्र में मौत व विध्वंस की वजह बना है, रणनैतिक रूप से और तेल, गैस व उर्वरक की आपूर्ति के लिए अहम होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जहाज़ों की आवाजाही बन्द हो गई है और हज़ारों नाविक समुद्री मार्ग में अपने जहाज़ों में फँसे हुए हैं.
यूएन प्रमुख ने कहा कि न्याय को निष्पक्ष होना चाहिए, मगर आज बड़ी संख्या में लोग न्याय से ही आँख मूंदने का निर्णय कर रहे हैं.
“विश्व भर में, और ख़ासतौर से मध्य पूर्व में, अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के लिए सम्मान को कुचला जा रहा है.” उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यह क्षण, अन्तरराष्ट्रीय क़ानून से पीछे हटने का नहीं है. यह उस पर फिर से मुहर लगाने का है.
विश्व के लिए सन्देश
महासचिव ने ‘द हेग’ में ICJ के 8 दशक पूरे होने के सिलसिले में आयोजित कार्यक्रमों में शिरकत के लिए रवाना होने से पहले मंगलवार को पत्रकारों को सम्बोधित किया.
उन्होंने ध्यान दिलाया कि यह अदालत, संयुक्त राष्ट्र का मुख्य न्यायिक अंग है और अन्तरराष्ट्रीय क़ानून व्यवस्था का एक अहम स्तम्भ है, जिसने पिछले कई दशकों से अपनी इस भूमिका को बख़ूबी निभाया है.
“मगर, यह यात्रा केवल इस वर्षगाँठ पर स्मरण के लिए ही नहीं है. यह बिना किसी लागलपेट के एक स्पष्ट सन्देश भेजने के बारे में भी है.”
“सन्देश कि संयुक्त राष्ट्र इन संस्थाओं और सिद्धान्तों के पीछे मज़बूती से खड़ा है, जोकि शान्ति, न्याय, सम्प्रभुता, व मानव गरिमा की रक्षा के लिए तैयार बनाए गए हैं.”
उन्होंने कहा कि अन्तरराष्ट्रीय क़ानून, बिना किसी अपवाद के, सभी देशों पर लागू होता है और इसके नियमों के लिए सम्मान, वैकल्पिक नहीं है.
यूएन प्रमुख ने सचेत किया कि दुनिया और अधिक बिखरने और शक्ति के लिए प्रतिस्पर्धा की स्थिति की ओर बढ़ रही है.
संयम की अपील
यूएन महासचिव ने सचेत किया कि अन्तरराष्ट्रीय क़ानूनों के बिना अस्थिरता फैलती है, अविश्वास गहराता है और टकराव, नियंत्रण के बाहर हो जाते हैं. यह हालात हर जगह हो सकते हैं, लेकिन फ़िलहाल मध्य पूर्व में जारी हिंसक टकराव में तत्काल नज़र आ रहे हैं.
इसके मद्देनज़र, उन्होंने दोहराया कि इस संकट का कोई सैन्य समाधान नहीं है और शान्ति समझौतों के लिए निरन्तर सम्पर्क, बातचीत व राजनैतिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता होगी.
यूएन प्रमुख ने ज़ोर देकर कहा कि गम्भीरतापूर्वक वार्ता को फिर शुरू करना होगा, और होर्मुज़ जलडमरूमध्य समेत अन्य क्षेत्रों में आवाजाही की आज़ादी व उसके अधिकार को बरक़रार रखना होगा और हर पक्ष द्वारा इसका सम्मान किया जाना चाहिए.
“यह समय संयम बरतने और ज़िम्मेदारी निभाने का है. यह समय टकराव बढ़ाने की बजाय, कूटनीति का है. यह समय अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के लिए नए सिरे से प्रतिबद्धता जताने का है.”
Source : UN News
