दुनिया का इकलौता शख्स, जिसे नहीं चाहिए वीज़ा या पासपोर्ट! जहां चाहे जाए, कोई नहीं रोकता

दुनिया में आम इंसान तो क्या, बड़े-बड़े राष्ट्रपति और राजा भी बिना पासपोर्ट-वीज़ा किसी दूसरे देश में नहीं जा सकते। लेकिन एक शख्स ऐसा है, जिसे दुनिया के लगभग हर देश में जाने के लिए न वीज़ा चाहिए और न ही सामान्य पासपोर्ट की जरूरत पड़ती है। यह खास शख्स हैं पोप लियो।

पोप सिर्फ वेटिकन सिटी के प्रमुख ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के करोड़ों कैथोलिक ईसाइयों के धार्मिक गुरु भी माने जाते हैं। उनकी पहचान एक धार्मिक नेता के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय राजनयिक की भी होती है। यही वजह है कि उन्हें दुनिया में सबसे खास दर्जा मिला हुआ है।

क्यों नहीं पड़ती वीज़ा की जरूरत?

जब पोप किसी देश की यात्रा पर जाते हैं, तो उन्हें “स्टेट गेस्ट” यानी राजकीय मेहमान माना जाता है। ऐसे में सामान्य लोगों पर लागू होने वाले वीज़ा और पासपोर्ट नियम उनके ऊपर लागू नहीं होते। उनके पास वेटिकन का राजनयिक पासपोर्ट जरूर होता है, लेकिन ज्यादातर देशों में उन्हें वीज़ा लेने की जरूरत नहीं पड़ती।

इस विशेष अधिकार की वजह क्या है?

1929 में इटली और वेटिकन के बीच हुई लैटरन संधि के बाद वेटिकन को एक स्वतंत्र देश का दर्जा मिला। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय कानूनों में भी पोप को विशेष राजनयिक छूट दी गई। इसी कारण दुनिया के अधिकांश देश उन्हें बिना रोक-टोक प्रवेश देते हैं।

ब्रिटेन के राजा से भी ज्यादा खास दर्जा

ब्रिटेन के राजा किंग चार्ल्स III और जापान के सम्राट को भी कई विशेष सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन पोप की स्थिति उनसे अलग और ज्यादा प्रभावशाली मानी जाती है। पोप को धार्मिक और राजनयिक दोनों स्तरों पर सम्मान मिलता है, जबकि बाकी राजघरानों का प्रभाव सीमित माना जाता है।

“शेफर्ड वन” से करते हैं दुनिया की यात्रा

पोप जब विदेश यात्रा पर निकलते हैं, तो उनके विमान को “शेफर्ड वन” कहा जाता है। यह नाम उनकी धार्मिक भूमिका से जुड़ा है। विमान में पोप के आराम, प्रार्थना और सुरक्षा की खास व्यवस्था होती है। उनके साथ वेटिकन अधिकारी, सहायक और पत्रकार भी यात्रा करते हैं।

दुनिया भर में होती हैं पोप की यात्राएं

पिछले पोप, पोप फ्रांसिस ने 50 से ज्यादा देशों की यात्राएं की थीं। वहीं मौजूदा पोप लियो भी लगातार अंतरराष्ट्रीय दौरों पर जा रहे हैं। हाल ही में उन्होंने अफ्रीका के कई देशों का दौरा किया था।

क्यों खास हैं पोप?

पोप की पहचान सिर्फ एक देश के प्रमुख की नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक नेताओं में से एक के रूप में होती है। यही वजह है कि उनकी बातों को दुनिया गंभीरता से सुनती है और उन्हें हर जगह विशेष सम्मान दिया जाता है।

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