मस्जिद के ऐतिहासिक स्वरूप को बदलने की योजना का आरोप
अल-खलील (हेब्रोन) के गवर्नर खालिद दोदीन ने मंगलवार को आरोप लगाया कि इब्राहीमी मस्जिद में इज़राइल की ओर से की जा रही हालिया गतिविधियाँ केवल निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि मस्जिद पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने और उसके ऐतिहासिक स्वरूप को बदलने की एक व्यापक योजना का हिस्सा हैं।
केंद्रीय आंगन पर छत डालने का काम दूसरे दिन भी जारी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोदीन ने बताया कि मस्जिद के केंद्रीय खुले आंगन (सेंट्रल कोर्टयार्ड) को छत से ढकने का निर्माण कार्य लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। उनके अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया इज़राइली सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसे इज़राइल के वित्त मंत्री बेज़ालेल स्मोट्रिच का समर्थन प्राप्त है।
बिजली, पानी और अज़ान पर नियंत्रण का आरोप
गवर्नर ने आरोप लगाया कि इज़राइली अधिकारी धीरे-धीरे मस्जिद की अहम व्यवस्थाओं पर अपना नियंत्रण बढ़ा रहे हैं। उनके मुताबिक, बिजली और जल आपूर्ति जैसी प्रमुख सुविधाओं को अपने नियंत्रण में लिया जा रहा है। साथ ही पिछले दस दिनों से मुस्लिम अज़ान को रोका जा रहा है और फ़िलिस्तीनी नागरिकों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं।
फ़िलिस्तीनी उपस्थिति मज़बूत करने के लिए संयुक्त योजना
दोदीन ने बताया कि इन परिस्थितियों का सामना करने के लिए अल-खलील गवर्नरेट, अल-खलील नगरपालिका, अल-खलील रिहैबिलिटेशन कमेटी और अन्य स्थानीय संस्थानों ने संयुक्त योजना तैयार की है। इसका उद्देश्य इब्राहीमी मस्जिद में फ़िलिस्तीनी उपस्थिति को मज़बूत करना और इज़राइली कदमों को रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयासों को तेज़ करना है।
पूरे अल-खलील में बढ़ाए गए प्रतिबंध
गवर्नर के अनुसार, इज़राइल ने पूरे अल-खलील क्षेत्र में सुरक्षा और आवाजाही से जुड़े प्रतिबंधों का विस्तार किया है। उन्होंने दावा किया कि 106 लोहे के गेट लगाए गए हैं, 16 सड़कों और प्रवेश मार्गों को मिट्टी के ढेर लगाकर बंद किया गया है और 20 से अधिक नई सेटलमेंट चौकियाँ स्थापित की गई हैं।
763 हमलों का दस्तावेज़ीकरण करने का दावा
दोदीन ने कहा कि गवर्नरेट ने फ़िलिस्तीनियों के खिलाफ इज़राइली सेटलर्स द्वारा किए गए 763 हमलों का दस्तावेज़ीकरण किया है। उनके अनुसार, इन घटनाओं में शारीरिक हमले, गोलीबारी और फ़िलिस्तीनी संपत्तियों पर हमले शामिल हैं।
पानी के संकट को लेकर भी आरोप
गवर्नर ने आरोप लगाया कि इज़राइली अधिकारियों ने पानी की आपूर्ति कम कर दी है और जल स्रोतों तथा ट्रांसमिशन लाइनों पर नियंत्रण और सख्त कर दिया है। उनके मुताबिक, इससे अल-खलील में पानी का संकट और गंभीर हो गया है।
मस्जिद के खुले आंगन में स्टील बीम लगाने का काम शुरू
रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को इज़राइली बलों ने भारी मशीनरी की मदद से इब्राहीमी मस्जिद के खुले आंगन के ऊपर निलंबित स्टील बीम लगाना शुरू किया।
स्मोट्रिच ने अल-खलील समझौता रद्द करने की घोषणा की थी
इस महीने की शुरुआत में इज़राइल के वित्त मंत्री बेज़ालेल स्मोट्रिच ने अल-खलील समझौते को रद्द करने की घोषणा करते हुए कहा था कि अल-खलील में योजना और निर्माण से जुड़े अधिकार इज़राइली सैन्य प्रशासन के अधीन सिविल एडमिनिस्ट्रेशन को स्थानांतरित कर दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि ओस्लो समझौतों के तहत दशकों से अल-खलील और कब्ज़े वाले वेस्ट बैंक के धार्मिक स्थलों पर योजना और निर्माण संबंधी अधिकार सीमित थे। उनके अनुसार, इन अधिकारों को इज़राइली सिविल एडमिनिस्ट्रेशन की हायर प्लानिंग काउंसिल को सौंपना एक “ऐतिहासिक” और “नाटकीय” निर्णय है।
फ़िलिस्तीनी अधिकारियों की चिंता
फ़िलिस्तीनी अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला अल-खलील की पहचान में बुनियादी बदलाव ला सकता है, शहर पर इज़राइली नियंत्रण को और मज़बूत कर सकता है तथा भविष्य में वास्तविक (डी फ़ैक्टो) विलय की दिशा में रास्ता तैयार कर सकता है।
