संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, चौकियों, अस्थिरता और आवाजाही पर पाबन्दियों जैसी बाधाओं के बावजूद, मानवीय सहायताकर्मी क़ाबिज़ फ़लस्तीनी क्षेत्र में लोगों तक जीवनरक्षक सहायता पहुँचाना जारी रखे हुए हैं.
संयुक्त राष्ट्र की सहायक प्रवक्ता डैनिएला ग्रॉस ने न्यूयॉर्क में पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि पश्चिमी तट में सहायता साझीदारों ने आगाह किया है कि “900 से अधिक भौतिक बाधाओं के कारण राहत कार्यों में देरी हो रही है.” इनमें चौकियाँ, फाटक, सड़क अवरोध और अन्य पाबन्दियाँ शामिल हैं.
शुक्रवार को मानवीय सहायताकर्मी और नगरपालिका कर्मचारी नाबलुस के पास कुसरा गाँव में तीन फ़लस्तीनी परिवारों तक पहुँचने की कोशिश कर रहे थे. ये परिवार मंगलवार से अपने घरों में फँसे हुए हैं. उनके घरों के पास एक बस्ती स्थापित किए जाने और इलाक़े में आवाजाही पर पाबन्दियाँ कड़ी किए जाने के बाद से उनकी आवाजाही सीमित हो गई है.
सेवा और सुरक्षा
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय, OHCHR ने पहले ही यह चेतावनी दी थी कि इन परिवारों को जबरन विस्थापित होने से बचाने के लिए बहुत कम समय बचा है.
डैनिएला ग्रॉस ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र के साझीदार और नगरपालिका कर्मचारी इन परिवारों तक भोजन, पानी, शिशु आहार, दवाइयाँ और स्वच्छता सामग्री पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन तक सहायता नहीं पहुँचाई जा सकी है.
उन्होंने कहा, “हमारे सहयोगियों ने आगाह किया है कि फ़लस्तीनियों की सुरक्षा के प्रयास कारगर नहीं रहे हैं. ख़बरों के अनुसार, बसने वालों ने उस तम्बू को दोबारा लगा दिया है, जिसे इसराइली बलों ने एक दिन पहले हटा दिया था.”
उत्तरी क्षेत्र में गम्भीर हालात
उन्होंने कहा कि उत्तरी पश्चिमी तट में मानवीय हालात “अब भी विशेष रूप से गम्भीर” बने हुए हैं.
जनवरी से अब तक, संयुक्त राष्ट्र के साझीदारों ने लोगों को मनोसामाजिक सहायता, मामलों के प्रबन्धन, विकलांग बच्चों के लिए सेवाएँ और अन्य ज़रूरी सहायता मुहैया कराई है.
इस दौरान लगभग 30 हज़ार बच्चों और 15 हज़ार वयस्कों को इन सेवाओं के ज़रिए सहायता मिली है.
ग़ाज़ा में सहायता
इस बीच, ग़ाज़ा पट्टी में असुरक्षा और पाबन्दियों के बावजूद राहतकर्मी लोगों तक ज़रूरी सहायता पहुँचा रहे हैं.
पिछले सप्ताह, संयुक्त राष्ट्र और उसके साझीदारों ने उन लोगों के लिए त्वरित सहायता मुहैया कराई, जिनके आश्रय नष्ट हो गए थे या जो हमलों, घरों में आग और अन्य घटनाओं के कारण दोबारा विस्थापित हुए थे.
हमलों से जुड़ी एक दर्जन से अधिक घटनाओं में लगभग 290 परिवार प्रभावित हुए. वहीं, घरों में आग लगने की घटनाओं से दो अन्य परिवार प्रभावित हुए. भीड़भाड़ वाले आश्रयों में आग लगने का ख़तरा बार-बार बना रहता है, क्योंकि परिवारों के पास खाना पकाने के लिए सुरक्षित ऊर्जा स्रोतों की कमी है.
नए पीले सीमेंट के अवरोधक लगाए जाने से पाँच अन्य परिवार प्रभावित हुए. ये अवरोधक अक्सर उन इलाक़ों के विस्तार का संकेत देते हैं, जहाँ लोगों की आवाजाही सीमित होती है और इससे आगे विस्थापन का ख़तरा बढ़ सकता है.
पिछले सप्ताह सहायता की ज़्यादातर अपीलें उत्तरी ग़ाज़ा और डेयर अल-बलाह से आईं. राहत टीमों ने हर परिवार की ज़रूरत के अनुसार सहायता मुहैया कराई.
ग्रीष्मकालीन शिक्षा
इस बीच, पिछले सप्ताह तक ग़ाज़ा में 3 लाख से अधिक बच्चों ने संयुक्त राष्ट्र के साझीदारों के सहयोग से चल रहे ग्रीष्मकालीन शिक्षा कार्यक्रमों में भाग लिया.
भीषण गर्मी से बच्चों को राहत देने के लिए 10 अस्थाई शिक्षण केन्द्रों में छाया की व्यवस्था भी की गई है.
Source : UN News
