- प्रेस विज्ञप्ति
- दरगाह आला हज़रत/ताजुशरियाह
- बरेली शरीफ
- 31/7/2026
बरेली शरीफ: धार्मिक आस्था को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए 108वें उर्स-ए-रज़वी के अवसर पर दरगाह आला हज़रत से ‘एक पौधा आला हज़रत के नाम’ अभियान की शुरुआत की गई है। इस मुहिम के तहत भारत के साथ-साथ दुनिया के अलग-अलग देशों में रहने वाले आला हज़रत के मानने वालों से पौधारोपण करने और लगाए गए पौधों की देखभाल का संकल्प लेने की अपील की गई है। आयोजकों के मुताबिक, अभियान की अपील के बाद कई राज्यों और देशों में अकीदतमंद पौधे लगा भी चुके हैं।

इस अभियान का संचालन जमाअत रज़ा-ए-मुस्तफ़ा और आला हज़रत ताजुश्शरिया वेलफेयर सोसाइटी के राष्ट्रीय महासचिव और समाजसेवी फ़रमान हसन ख़ान (फ़रमान मियाँ) की देखरेख में किया जा रहा है। उन्होंने उलेमा, इमामों, मदरसों, मस्जिदों और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित कर इस मुहिम को व्यापक जनअभियान का रूप दें।
फ़रमान मियाँ ने कहा कि दुनिया इस समय जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और घटते वन क्षेत्र जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है। ऐसे में पौधारोपण को उन्होंने सिर्फ सामाजिक पहल नहीं, बल्कि इंसानियत और आने वाली पीढ़ियों के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने लोगों से कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने की अपील की।
अभियान से जुड़े लोगों के अनुसार, उर्स-ए-रज़वी के दौरान देशभर से आने वाले उलेमा अपनी तकरीरों में पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और प्राकृतिक संसाधनों की हिफाज़त का संदेश देंगे। इसके अलावा, मरकज़ से जुड़े मदरसों, मस्जिदों और सामाजिक संगठनों की ओर से भी स्थानीय स्तर पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है।

जमाअत रज़ा-ए-मुस्तफ़ा के पूर्व प्रवक्ता समरान ख़ान ने बताया कि फ़रमान मियाँ की अपील का असर पहले से दिखाई देने लगा है और भारत के कई राज्यों के अलावा विदेशों में भी बड़ी संख्या में पौधे लगाए जा चुके हैं। उनका कहना है कि उर्स-ए-रज़वी के दौरान इस अभियान से जुड़ने वाले लोगों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
फ़रमान मियाँ ने कहा कि आला हज़रत की शिक्षाओं को इंसानियत, समाज की भलाई और प्रकृति की हिफाज़त से जोड़ते हुए लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने अपील की कि लोग अपने घर, मोहल्ले, मस्जिद, मदरसे, शिक्षण संस्थान या किसी सार्वजनिक स्थान पर ‘आला हज़रत के नाम एक पौधा’ जरूर लगाएं और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाएं |
