किसी इंसान की पहचान उसके पद से नहीं, बल्कि उसके संघर्ष, मेहनत और काम से होती है। एक ऐसी ही मिसाल बनकर हमारे सामने खड़े है असलम शेख, कभी ग्राम पंचायत में चपरासी के रूप में नौकरी शुरू करने वाले असलम शेख ने अपनी मेहनत, ईमानदारी और शिक्षा के दम पर ग्रामसेवक का मुकाम हासिल किया और अपने कामो से ठिकेकरवाड़ी को देश के अग्रणी गांवों तक पहुंचा दिया।साल 2021 में कृषि डिप्लोमा धारक असलम शेख ने ठिकेकरवाड़ी ग्राम पंचायत के ग्रामसेवक की जिम्मेदारी संभाली। सरपंच संतोष ठिकेकर के साथ मिलकर उन्होंने गांव के विकास को नई दिशा दी। असलम शेख ने अपने कार्यकाल में ठिकेकरवाड़ी ने ‘ग्राम ऊर्जा स्वराज विशेष पंचायत पुरस्कार 2023’ के तहत पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया और 1 करोड़ रुपये का पुरस्कार जीता।
सौर ऊर्जा, बायोगैस, पवन ऊर्जा, सोलर वॉटर हीटर, ड्रिप सिंचाई और मृदा स्वास्थ्य परीक्षण जैसी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया गया। आज गांव के 100 प्रतिशत घर सोलर वॉटर हीटर का उपयोग करते हैं। ऊर्जा उत्पादन की योजनाओं के चलते गांव का बिजली खर्च भी लगभग शून्य तक पहुंच गया असलम शेख की यह सफलता आसान नहीं थी बहुत सी कठिनाइयों को सामना भी करना पड़ा वर्ष 1982 में आठवीं कक्षा में रहते हुए उन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया। कठिन परिस्थितियों में गांव के लोगों और अपनी बहन बेबीजान इनामदार के सहयोग से उन्होंने पढ़ाई जारी रखी। वर्ष 1984 में दसवीं पास करने के बाद उन्होंने वारुलवाड़ी ग्राम पंचायत में चपरासी के रूप में काम शुरू किया।नौकरी के साथ पढ़ाई जारी रखना उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। उन्होंने मंजरी स्थित कृषि महाविद्यालय से कृषि डिप्लोमा डिस्टिंक्शन के साथ पूरा किया और बाहरी विद्यार्थी के रूप में 12वीं की परीक्षा भी पास की साथ ही वर्ष 1989 में नारायणगांव ग्राम पंचायत में क्लर्क के रूप में नियुक्त हुए और 2006 तक पूरी ईमानदारी से अपना काम किया।
इसके बाद पुणे जिला परिषद की 10 प्रतिशत कोटे की भर्ती में उन्होंने कृषि डिप्लोमा के आधार पर ग्रामसेवक पद के लिए परीक्षा दी। खास बात ये रही कि उन्होंने पूरे महाराष्ट्र में सर्वाधिक अंक हासिल किए। इसके बाद ग्रामसेवक के रूप में उनका सफर शुरू हुआ। जुन्नर तालुका की विभिन्न ग्राम पंचायतों में काम करते हुए उन्होंने अपनी कार्यक्षमता की अलग पहचान बनाई। ठिकेकरवाड़ी में उनके नेतृत्व और सरपंच संतोष ठिकेकर के सहयोग से गांव ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। गांव को अब तक 45 से अधिक छोटे-बड़े पुरस्कार मिल चुके हैं। संत गाडगेबाबा ग्राम स्वच्छता अभियान में महाराष्ट्र में प्रथम स्थान और राष्ट्रीय स्तर की ग्राम स्पर्धा में पहला स्थान हासिल करने के बाद वर्ष 2023 में ठिकेकरवाड़ी ने ‘ग्राम ऊर्जा स्वराज विशेष पंचायत पुरस्कार’ में देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया और 1 करोड़ रुपये का पुरस्कार जीता।
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सरपंच संतोष ठिकेकर, ग्रामसेवक असलम शेख और बीडीओ शरदचंद्र माली को सम्मानित किया। सम्मानित होकर गांव लौटने पर ग्रामीणों ने असलम शेख का ढोल-ताशों, आतिशबाजी और गीत मंडलियों के साथ जश्न मनाया। असलम शेख की कहानी केवल सरकारी नौकरी में तरक्की की कहानी नहीं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों से लड़कर आगे बढ़ने और अपने काम से समाज में बदलाव लाने की कहानी है। चपरासी से शुरू हुआ उनका सफर आज एक ऐसे ग्रामसेवक तक पहुंचा है, जिसने विकास को गांव की पहचान बना दिया। उनकी जिंदगी यह संदेश देती है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, शिक्षा, मेहनत और ईमानदारी के बल पर सफलता की नई इबारत लिखी जा सकती है।
