पाकिस्तान में फिर बढ़ा सियासी तनाव, अल्ताफ हुसैन ने दी मार्शल लॉ की चेतावनी

इस्लामाबाद: पाकिस्तान की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज होती दिखाई दे रही है। मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट (MQM) के संस्थापक अल्ताफ हुसैन ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और पाकिस्तान के सैन्य प्रतिष्ठान के बीच बढ़ते तनाव का दावा करते हुए देश में मार्शल लॉ की आशंका जताई है।

अल्ताफ हुसैन के मुताबिक पाकिस्तान में इस समय एक तरह की ‘Silent Struggle’ चल रही है, जिसका केंद्र नए प्रांतों के गठन को लेकर जारी बहस और प्रस्तावित 28वें संवैधानिक संशोधन से जुड़ा विवाद है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस मुद्दे पर राजनीतिक सहमति नहीं बनी तो हालात गंभीर राजनीतिक और सुरक्षा संकट में बदल सकते हैं।

रिपोर्टों के मुताबिक सिंध विधानसभा में सिंध को विभाजित कर अलग प्रांत बनाए जाने के प्रस्ताव के खिलाफ रुख सामने आया है। अल्ताफ हुसैन ने इसे राष्ट्रपति जरदारी और सैन्य प्रतिष्ठान के बीच कथित मतभेदों से जोड़ते हुए कहा कि नए प्रांतों का मुद्दा पाकिस्तान की सियासत में बड़ा टकराव पैदा कर सकता है। उन्होंने राष्ट्रपति जरदारी के लंदन में होने पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में उनकी गैर-मौजूदगी कई सवाल खड़े करती है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

अल्ताफ हुसैन ने दावा किया कि अगर राष्ट्रपति और सैन्य प्रतिष्ठान के बीच कथित टकराव बढ़ता है तो पाकिस्तान में मार्शल लॉ या केयरटेकर सरकार जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के बड़े फैसले सिर्फ किसी एक सैन्य अधिकारी के स्तर पर नहीं, बल्कि सैन्य नेतृत्व के सामूहिक निर्णय से होते हैं।

हालांकि, मार्शल लॉ लगाए जाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। फिलहाल अल्ताफ हुसैन की चेतावनी को पाकिस्तान की मौजूदा राजनीतिक खींचतान पर उनके आकलन के रूप में देखा जा रहा है। पाकिस्तान में एक बार फिर सिविलियन सरकार बनाम सैन्य प्रतिष्ठान की भूमिका को लेकर बहस तेज होती नजर आ रही है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *