लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर अपने एजेंडे और घोषणापत्र की रूपरेखा स्पष्ट कर दी है। लखनऊ में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने ऐलान किया कि यदि उत्तर प्रदेश में उनकी पार्टी की सरकार बनती है, तो राज्य में पुरानी पेंशन योजना (OPS) को दोबारा लागू किया जाएगा।
अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि इस योजना को वित्तीय रूप से किस प्रकार सुचारू रूप से चलाया जाएगा, इसका पूरा मॉडल और खाका तैयार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि मेनिफेस्टो जारी करते समय इस बात की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी कि इसके लिए फंड की व्यवस्था कहां से होगी, ताकि भविष्य में कोई भी सरकार वित्तीय संकट का बहाना बनाकर इसे बंद या टाल न सके। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों के साथ लंबी चर्चा के बाद ही इस वित्तीय मॉडल को अंतिम रूप दिया गया है।
मदरसा शिक्षकों के वेतन और शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा फोकस
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख ने शिक्षा जगत, शिक्षकों और विभिन्न शिक्षण संस्थानों की समस्याओं के समाधान को लेकर भी कई बड़े आश्वासन दिए। उन्होंने ऐलान किया कि सपा सरकार बनने पर आधुनिक मदरसा शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, पदोन्नति और प्राचार्यों के वेतन से संबंधित धारा 12, 18, 21 को बहाल किया जाएगा।मदरसों की सभी समस्याओं का समाधान समाजवादी सरकार में होगा। इसके साथ ही मदरसों और संस्कृत विद्यालयों के सामने आ रही तमाम प्रशासनिक और आर्थिक समस्याओं का स्थायी समाधान भी निकाला जाएगा।
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि प्रदेश के शिक्षामित्रों को शिक्षक के रूप में उनका उचित सम्मान दिलाया जाएगा और वित्तविहीन शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों के लिए मानदेय की पुख्ता व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा, उच्च शिक्षा व्यवस्था में सुधार करते हुए डिग्री कॉलेजों से सेमेस्टर सिस्टम को समाप्त करने का भी वादा किया गया है।
