ज़हरीली हवा के आगोश में दिल्ली-NCR, बिगड़ते हालात के बीच GRAP-3 लागू

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते पॉल्यूशन के मद्देनजर कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट या CAQM ने दिल्ली-एनसीआर में GRAP-III (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) लागू कर दिया है। इसके लागू होते ही दिल्ली-एनसीआर में इसके अंतर्गत लगने वाली पाबंदियां भी लागू हो गई हैं। दिवाली से पहले ही AQI 400 के करीब जा पहुंचा है। एयर क्वालिटी इंडेक्स में हो रही बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए नई पाबंदियां लागू कर दी गई हैं।

पूरे दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण यानी ग्रैप-III की पाबंदियां लागू कर दी गईं। इसके साथ ही अब निर्माण कार्यों, वाहनों और औद्योगिक गतिविधियों पर और भी एक्‍स्‍ट्रा प्रतिबंध लागू हो गए हैं। प्रशासन को प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सख्ती बढ़ाने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

पिछले 24 घंटों के दौरान दिल्ली का औसत AQI 382 दर्ज किया गया। यह ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है और 401 के स्तर पर पहुंचने के बाद हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में शामिल हो जाती है। यानी दिल्ली की हवा गंभीर श्रेणी की दहलीज के करीब पहुंच चुकी है।

दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप 3 लागू होने के बाद नई पाबंदियां लागू हो जाएंगी। ग्रैप 1 और ग्रैप 2 की पाबंदियां भी लागू रहेंगी। GRAP-III के तहत अधिकारियों ने गैर-जरूरी कंस्ट्रक्शन और तोड़-फोड़ के काम पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इस रोक के बाद मिट्टी का काम, पाइलिंग, ट्रेंचिंग और रेडी-मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लांट के खुले में काम शामिल हैं।

इसके अलावा ग्रैप 3 में BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल फोर-व्हीलर गाड़ियों के चलने पर दिल्ली-एनसीआर में पूरी तरह से रोक रहेगी। इंटर-स्टेट डीजल बसों को भी दिल्ली में आने नहीं दिया जाएगा।

रेत और सीमेंट जैसे कंस्ट्रक्शन मटीरियल के ट्रांसपोर्ट पर बैन लगा दिया गया है। खासकर कच्ची सड़कों पर, स्टोन क्रशर, माइनिंग ऑपरेशन और हॉट-मिक्स प्लांट जो क्लीन फ्यूल पर नहीं चल रहे हैं उन्हें बंद कर दिया गया है।

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