कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की सरकार अब फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता देने की तैयारी में है। इससे पहले आयरलैंड, नॉर्वे और स्पेन जैसे यूरोपीय देश मई 2025 में फिलिस्तीन को आधिकारिक मान्यता दे चुके हैं। अब फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देश भी इस दिशा में सकारात्मक संकेत दे रहे हैं।
पीएम ट्रूडो ने अपने बयान में कहा कि इसराइल-फिलिस्तीन संघर्ष का समाधान केवल दो-राष्ट्र सिद्धांत (Two-State Solution) से ही संभव है, और इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए फिलिस्तीन को मान्यता देना ज़रूरी है। यह कदम वैश्विक स्तर पर उस नैरेटिव को चुनौती देता है, जिसमें इजरायल को एकमात्र वैध पक्ष माना जाता रहा है।
संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों में से अब तक 140 से अधिक देश फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दे चुके हैं। लेकिन G7 जैसे ताकतवर देशों की ओर से अब तक यह कदम बहुत कम देखने को मिला था। कनाडा के इस संभावित फैसले को वैश्विक कूटनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
इससे साफ है कि अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय इजरायल-फिलिस्तीन मसले पर अधिक संतुलित रुख अपना रहा है और इजरायली नैरेटिव को वैश्विक स्तर पर खुली चुनौती मिल रही है।
