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गाज़ा में भुखमरी की भयावह स्थिति पर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर मानवीय सहानुभूति जताते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा—“हम लोगों को खाना देना चाहते हैं, और इसके लिए संसाधन लगा रहे हैं।”
ट्रम्प ने गाज़ा में “भूख की त्रासदी” को असली और बेहद गंभीर बताते हुए उन दावों को खारिज किया जिनमें कहा गया था कि वहाँ कोई अकाल जैसी स्थिति नहीं है। उन्होंने कहा—“जो हो रहा है, वह झूठ नहीं, सच्चाई है। तस्वीरें सब कुछ कह रही हैं।”
ट्रम्प ने गाज़ा में अमेरिकी राहत प्रयासों की तारीफ की और अपने मध्य-पूर्व दूत स्टीव विटकॉफ को विशेष रूप से सराहा, जिन्होंने हाल ही में गाज़ा के खाद्य वितरण केंद्रों का दौरा कर ज़मीनी हकीकत का जायज़ा लिया।
सिर्फ बयान ही नहीं, ट्रम्प ने यह भी ऐलान किया कि अमेरिका अब इज़रायल के साथ साझेदारी में गाज़ा में अतिरिक्त ‘फूड सेंटर्स’ (खाद्य वितरण केंद्र) स्थापित करेगा – हालांकि अभी योजना के पूर्ण विवरण सामने नहीं आए हैं।
इस मानवीय पहल के बीच, ट्रम्प ने इज़रायली नेतृत्व को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी कि सहायता गाज़ा के ज़रूरतमंदों तक पहुँचे। उन्होंने कहा, “नेतन्याहू को यह देखना चाहिए कि खाना वहाँ पहुँचे जहां लोग भूखे हैं।”
ग़ौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियाँ पहले ही गाज़ा में ‘अकाल की स्थिति’ की चेतावनी दे चुकी हैं। WFP और IPC की रिपोर्टों में बताया गया है कि वहां की स्थिति दुनिया की सबसे बदतर मानवीय आपदाओं में से एक बन चुकी है।
