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किश्तवाड़ जिले के मलिपाठ की युवा छात्रा राहत परवीन ने शिक्षा के क्षेत्र में अपने परिवार और समुदाय के लिए गर्व का नया पल बनाया है। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए पोस्ट्स के मुताबिक, उन्होंने एमए कश्मीरी में सबसे अधिक अंक हासिल कर गोल्ड मेडल जीता है। साथ ही, जून 2025 में उन्होंने NET-JRF परीक्षा क्वालीफाई कर अपनी प्रतिभा और परिश्रम का असर दिखाया था।
राहत की यह उपलब्धि सिर्फ एक व्यक्तिगत सफलता नहीं है— यह किश्तवाड़ जैसे सीमांत और कम संसाधन वाले इलाकों में रहने वाले युवाओं के लिए एक प्रेरणा है। उनकी मेहनत ने यह साबित किया है कि कठिनाइयों के बीच भी शिक्षा के क्षेत्र में बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
उनकी कहानी न केवल उनके परिवार और मित्रों के लिए गौरव का विषय है, बल्कि यह दिखाती है कि अगर संघर्ष और आत्म-विश्वास साथ हो, तो असंभव को भी मुमकिन बनाया जा सकता है। असल में, राहत परवीन के ये कदम यह संदेश देते हैं कि सपने सिर्फ देखे नहीं जाते, उन्हें जी कर बदला भी जा सकता है।
