कश्मीर की होनहार छात्रा रूहीना समद ने फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्ज़ामिनेशन यानी (FMGE) परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम की है। उनकी इस सफलता से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र में गर्व और खुशी का माहौल है।
रूहीना की यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि FMGE परीक्षा विदेश से चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने वाले भारतीय छात्रों के लिए भारत में चिकित्सकीय अभ्यास की अनिवार्य शर्त होती है। इस परीक्षा को उत्तीर्ण करना कठिन परिश्रम, गहन अध्ययन और दृढ़ संकल्प की मांग करता है।
सामने आई तस्वीरों में रूहीना दीक्षांत समारोह की वेशभूषा में मुस्कुराती हुई नजर आ रही हैं, जो उनके संघर्ष और सफलता की कहानी को बयां करती हैं। उनकी उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं, विशेषकर मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरी है।
रूहीना समद की सफलता यह दर्शाती है कि समर्पण और मेहनत के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनकी इस कामयाबी ने कश्मीर के युवाओं के सपनों को नई उड़ान दी है।
