सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा से जुड़े कुछ अकाउंट्स द्वारा भारतीय सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी का वीडियो वायरल किया जा रहा है। इस वीडियो के साथ दावा किया गया कि भारतीय सेना के एक कर्नल ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पेट्रोल से चलने वाले ड्रोन का इस्तेमाल किया था और अगली बार डीज़ल ड्रोन भेजे जाएंगे, ताकि उनकी आवाज़ से दुश्मन में डर पैदा किया जा सके।
इस वीडियो को शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा, ‘ब्रेकिंग। इंडियन आर्मी के एक कर्नल ने कहा कि पिछली बार इंडियन आर्मी ने ऑपरेशन सिंदूर में पेट्रोल ड्रोन का इस्तेमाल किया था, लेकिन अगली बार वे डीज़ल ड्रोन का इस्तेमाल करेंगे ताकि उनकी आवाज़ से डर पैदा हो।’ (हिन्दी अनुवाद)

फैक्ट चेक: क्या है वायरल वीडियो की सच्चाई?
Times headline की जांच में पाया गया कि सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा भ्रामक है। वायरल वीडियो में दिख रहे अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार हैं, लेकिन उनके बयान को डिजिटल रूप से एडिट कर गलत संदर्भ में पेश किया गया है।
जांच के दौरान वायरल वीडियो के स्रोत का पता लगाया गया, जिससे स्पष्ट हुआ कि यह वीडियो Republic चैनल के एक कार्यक्रम का हिस्सा है। जब इस वीडियो का पूरा संस्करण देखा गया, तो उसमें लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने कहा था, ‘सिर्फ आतंकी कैंप ही नहीं, हम पाकिस्तान की ज़मीन में घुस सकते हैं।’
पूरे वीडियो में कहीं भी उन्होंने पेट्रोल ड्रोन या डीज़ल ड्रोन के इस्तेमाल से जुड़ा कोई बयान नहीं दिया। इससे साफ होता है कि वायरल क्लिप के साथ छेड़छाड़ की गई है और उसमें झूठा ऑडियो या संदर्भ जोड़कर भ्रम फैलाने की कोशिश की गई है।
निष्कर्ष
Times headline के फैक्ट चेक में यह स्पष्ट हुआ कि लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पेट्रोल ड्रोन के इस्तेमाल या भविष्य में डीज़ल ड्रोन भेजने को लेकर कोई बयान नहीं दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा वीडियो डिजिटल रूप से एडिट किया गया है।
इसलिए वायरल दावा पूरी तरह से गलत और भ्रामक है।
