श्रीनगर / बांदीपोरा: जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा (JKAS) 2026 के परिणामों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि घाटी की मिट्टी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। बांदीपोरा जिले के एक छोटे से गाँव केहनुसा (Kehnusa) के रहने वाले मीर मुजीब ने अपनी असाधारण मेहनत और अटूट संकल्प के दम पर इस प्रतिष्ठित परीक्षा में 24वीं रैंक हासिल कर पूरे केंद्र शासित प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
संघर्ष से सफलता का शिखर
मीर मुजीब की यह उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि उन सभी युवाओं के लिए उम्मीद की किरण है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। केहनुसा जैसे ग्रामीण अंचल से निकलकर राज्य की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवा के शीर्ष पायदान तक पहुँचना उनके वर्षों के कठिन परिश्रम, धैर्य और समर्पण का जीवंत प्रमाण है। जैसे ही मुजीब की सफलता की खबर उनके गृह जनपद पहुँची, पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई।
क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण
सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय गलियारों तक, मुजीब को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। ‘कश्मीर पॉजिटिव’ सहित कई स्थानीय मंचों ने इसे “पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का पल” करार दिया है। मुजीब ने न केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि बांदीपोरा को राज्य के शैक्षणिक मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाई है।
युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत
प्रशासनिक अधिकारी के रूप में अपनी सेवा शुरू करने जा रहे मीर मुजीब अब जम्मू-कश्मीर के उन हजारों अभ्यर्थियों के लिए आदर्श बन गए हैं, जो सिविल सेवा में शामिल होकर समाज की सेवा करना चाहते हैं। उनकी यह सफलता संदेश देती है कि यदि इरादे फौलादी हों, तो सफलता के शिखर तक पहुँचने से कोई नहीं रोक सकता।
