सीरिया में मानवीय ज़रूरतों का स्तर अब भी बहुत विशाल बना हुआ है, विशेष रूप में मध्य पूर्व युद्ध छिड़ने के बाद से लगभग 1 लाख 80 हज़ार सीरियाई नागरिकों के स्वदेश लौटने के हालात में. उनके अलावा लगभग 25 हज़ार लेबनानी नागरिक भी सीरिया पहुँचे हैं.
संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष सहायता अधिकारी टॉम फ़्लैचर ने, सीरिया की राजधानी दमिश्क और उससे आगे की ज़रूरतों की तरफ़ ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि लेबनानी और सीरियाई सभी परिवार “दरअसल बिना कुछ सामान लिए” भाग रहे हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि सीरियाई लोग “पुनर्निर्माण कर रहे हैं… बाज़ार फिर से खोल रहे हैं, सेवाएँ बहाल कर रहे हैं”.
उन्होंने ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की मानवीय टीमें वहाँ मौजूद हैं और हिंसा के कारण उजड़ चुके बहुत से लोगों की मदद के लिए लगातार ख़ुद को ढाल रही हैं.
टॉम फ़्लैचर ने, सीरिया जाने से पहले दो दिन लेबनान में युद्ध के विनाशकारी प्रभावों को देखा, जहाँ इसराइल और हिज़बुल्लाह के बीच जारी युद्ध के बीच कुछ ही सप्ताहों के दौरान, दस लाख से अधिक लोग विस्थापित हो गए हैं.
इस युद्धक स्थिति से, लोगों का “जीवन अस्त-व्यस्त” हो गया है और महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचा “तहस-नहस” हो गया है.
लेबनान: गर्भवती महिलाओं का जोखिम भरा सफ़र
संयुक्त राष्ट्र की यौन और प्रजनन स्वास्थ्य एजेंसी – UNFPA ने बताया है कि मार्च की शुरुआत से अब तक 2 लाख 2,400 से अधिक लोग लेबनान छोड़कर सीरिया पहुँचे हैं.
इनमें 3,100 गर्भवती महिलाएँ भी हैं. ऐसी उम्मीद है कि इनमें से, 350 महिलाएँ, अगले महीने बच्चे को जन्म देंगी.
अपने साथ बहुत कम सामान लेकर पहुँचने वाले ये लोग, भीड़भाड़ वाले आश्रयों में रह रहे हैं, जहाँ भोजन, दवा और स्वच्छता की भारी कमी है.
इसके साथ ही, महिलाओं और लड़कियों पर उत्पीड़न, यौन शोषण और शोषण का ख़तरा भी बढ़ गया है.
सीरिया में UNFPA की प्रतिनिधि इंशराह अहमद ने कहा, “महिलाएँ और लड़कियाँ एक संकट से निकलकर दूसरे संकट का सामना कर रही हैं, हम इससे मुँह नहीं मोड़ सकते.”
UNFPA सचल टीमों के साथ-साथ, सुरक्षा सेवाएँ और स्वच्छता किट प्रदान कर रही है, लेकिन धन सहायता में कटौती के कारण, वर्ष 2025 में सीरिया के तीन में से एक सुविधा केन्द्र को बन्द करना पड़ा है.
एजेंसी को इन बढ़ती ज़रूरतों को पूरा करने के लिए तत्काल साढ़े चार करोड़ डॉलर की आवश्यकता है.
