लेबनान में यूएन अन्तरिम बल मिशन (UNIFIL) ने बताया है कि देश के दक्षिणी इलाक़े में इस मिशन की एक गश्ती टीम पर हुई गोलीबारी हुई है जिसमें संयुक्त राष्ट्र के एक शान्तिरक्षक की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए. यूएन प्रमुख ने इन हमलों की कड़ी निन्दा की है.
यह घटना स्थानीय समयानुसार शनिवार सुबह उस समय हुई जब UNIFIL की एक टीम, संयुक्त राष्ट्र की कुछ दूरजराज़ के इलाक़ों में स्थित चौकियों के साथ सम्पर्क बहाल करने के लिए ‘घन्दूरियाह’ (Ghanduriyah) गाँव की एक सड़क पर विस्फोटक सामग्री को हटा रही थी.
मिशन के अनुसार, गश्ती दल पर किसी देश से इतर सक्रिय तत्वों (non-state actors) ने छोटे हथियारों से हमला किया.
UNIFIL ने एक वक्तव्य में कहा है, “दुखद रूप से, एक घायल शान्तिरक्षक की बाद में मृत्यु हो गई और तीन अन्य घायल शान्तिरक्षकों में से दो की हालत गम्भीर है.” घायल शान्तिरक्षों को इलाज के लिए चिकित्सा केन्द्रों में ले जाया गया है.
UNIFIL ने अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले शान्तिरक्षक के परिवार और सहयोगियों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और घायलों के पूर्ण व शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है.
यूएन स्टाफ़ व सम्पत्ति की सुरक्षा
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने यूएन शान्तिरक्षकों पर इस हमले की कड़ी निन्दा की है, जिसके लिए “कथित तौर पर” हिज़बुल्लाह को ज़िम्मेदार समझा जा रहा है.
महासचिव के प्रवक्ता द्वारा शनिवार को जारी एक वक्तव्य में कहा गया है, “हाल के सप्ताहों में ये ऐसी तीसरी घटना है जिसमें UNIFIL में सेवा करने वाले कुछ शान्तिरक्षकों की मृत्यु हुई है. तमाम पक्षों से युद्धविराम का सम्मान किए जाने का आग्रह किया जाता है.”
वक्तव्य में ये भी कहा गया है, “महासचिव एक बार फिर तमाम पक्षों से अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के तहत अपनी ज़िम्मेदारियों को पूरा करने और यूएन कर्मचारियों व तमाम यूएन सम्पत्ति की, हर समय सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने का आहवान करते हैं.”
वक्तव्य के अनुसार, एंतोनियो गुटेरेश ने कहा कि शान्तिरक्षकों पर हमले रोके जाने होंगे और ये हमले युद्ध अपराध की श्रेणी में दर्ज किए जा सकते हैं.
हमले की कड़ी निन्दा, जाँच शुरू
लेबनान में यूएन मिशन ने इस हमले को “अपने अनिवार्य कार्यों में लगे शान्तिरक्षकों पर जानबूझकर किया गया हमला” बताते हुए इसकी कड़ी निन्दा की है.
उन्होंने उल्लेख किया कि क्षेत्र में विस्फोटक सामग्री के निस्तारण यानि उसे निष्क्रिय किए जाने का कार्य अत्यन्त महत्वपूर्ण है, विशेष रूप से हाल के टकरावों और युद्ध के बाद के हालात में.
UNIFIL ने कहा कि उसने इस हमले की जाँच शुरू कर दी है. शुरुआती जाँच से संकेत मिलता है कि यह गोलीबारी ग़ैर-देश तत्वों – “कथित तौर पर हिज़बुल्लाह” की ओर से की गई थी.
मिशन ने दोहराया कि अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के तहत सभी पक्ष हर समय, संयुक्त राष्ट्र कर्मियों और सम्पत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बाध्य हैं.
“शान्तिरक्षकों पर जानबूझकर किए गए हमले, अन्तरराष्ट्रीय मानवीय क़ानून और सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का गम्भीर उल्लंघन हैं, और ये युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकते हैं.”
UNIFIL ने लेबनान सरकार से भी इस घटना की त्वरित जाँच करने और ज़िम्मेदार तत्वों को जवाबदेह ठहराने का आहवान किया है.
Source : UN News
