UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता के समर्थन में V4 देश, जयशंकर बोले—‘नया ऐतिहासिक मौका’

न्यूयॉर्क, 22 सितंबर: संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान भारत और यूरोप के चार प्रमुख देशों के समूह वाइसेग्राड ग्रुप (V4) के बीच पहली उच्चस्तरीय विदेश मंत्री बैठक हुई। इस बैठक में भारत की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में स्थायी सदस्यता की दावेदारी को चारों V4 देशों—पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य—का समर्थन मिला।

बैठक के बाद स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार ने कहा कि V4 के सभी देश इस बात पर सहमत हैं कि ग्लोबल साउथ के एक प्रमुख देश और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में उभरती शक्ति के रूप में भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य के तौर पर स्थान मिलना चाहिए।

जयशंकर ने बताया ‘ऐतिहासिक मौका’

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने V4+India की पहली बैठक को एक “नया ऐतिहासिक मौका” बताया। उन्होंने कहा कि बैठक में भारत और V4 देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, तकनीक, अंतरिक्ष, कनेक्टिविटी और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर चर्चा हुई। जयशंकर के मुताबिक, भारत और V4 देशों ने विदेश मंत्रियों की वार्षिक बैठक आयोजित करने और एक Annual Business Forum शुरू करने पर सहमति जताई है। दोनों पक्षों ने तकनीक, इनोवेशन, रिसर्च और शिक्षा में सहयोग बढ़ाने तथा रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने की बात भी कही।

रक्षा और तकनीक पर भी बढ़ेगा सहयोग

जयशंकर ने कहा कि भारत के चारों V4 देशों के साथ रक्षा क्षेत्र में मजबूत सहयोग का इतिहास रहा है और अब इस सहयोग को नई दिशा देने की कोशिश की जाएगी। बैठक में तकनीक और इनोवेशन के अलावा स्पेस, कनेक्टिविटी, शिक्षा और लोगों की आवाजाही जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। बैठक में यूक्रेन संघर्ष, खाड़ी क्षेत्र की स्थिति, इंडो-पैसिफिक और बहुपक्षीय सहयोग जैसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ।

क्या है V4?

वाइसेग्राड ग्रुप (V4) मध्य यूरोप के चार देशों—पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य—का क्षेत्रीय सहयोग समूह है। भारत और V4 के बीच यह पहली विदेश मंत्री स्तर की सामूहिक बैठक थी, जिसने द्विपक्षीय संबंधों से आगे एक नए बहुपक्षीय सहयोग मंच की शुरुआत की है।

भारत की UNSC में स्थायी सदस्यता की दावेदारी को मिला यह समर्थन कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, हालांकि केवल V4 देशों का समर्थन अपने आप में सुरक्षा परिषद के विस्तार या भारत की स्थायी सदस्यता सुनिश्चित नहीं करता। इसके लिए व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहमति और संयुक्त राष्ट्र चार्टर में आवश्यक बदलाव की प्रक्रिया से गुजरना होगा।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *