जिनेवा: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में भारत ने पाकिस्तान को कड़ा जवाब देते हुए कहा कि उसे दूसरे देशों के इलाक़ों पर कब्ज़े और आतंकवाद फैलाने की नीति छोड़कर अपने लोगों के विकास पर ध्यान देना चाहिए। भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अधिकारी क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि उसकी मौजूदा नीति देश की आर्थिक परेशानियों को दूर नहीं कर सकती।
भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने कहा कि पाकिस्तान अपने लोगों की बेहतर ख़िदमत तभी कर सकता है, जब वह दूसरों की ज़मीन पर नज़र रखने और आतंकवाद फैलाने के बजाय विकास को प्राथमिकता दे। उन्होंने कहा कि न तो दूसरे देशों के इलाक़ों पर कब्ज़े की कोशिश और न ही संयुक्त राष्ट्र में दिखावे से पाकिस्तान उन क़र्ज़ों को चुका पाएगा, जिन पर उसकी अर्थव्यवस्था टिकी हुई है।
त्यागी ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में बिगड़ते हालात का ज़िक्र करते हुए नागरिकों की मौत, छात्रों की गिरफ्तारियों और खाने-पीने की चीज़ों तथा दवाओं की सप्लाई पर पाबंदियों से जुड़ी रिपोर्टों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि अगर इस परिषद में कोई प्रतिनिधिमंडल मानवाधिकारों की जांच के तय मानदंडों पर खरा उतरता है, तो वह पाकिस्तान है।
भारतीय राजनयिक ने 1990 में कश्मीरी पंडितों के विस्थापन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने कश्मीरी पंडितों को उनके घरों से निकलने पर मजबूर किया। उन्होंने कहा कि उन आतंकवादियों ने बाद में हर मज़हब के कश्मीरियों को निशाना बनाया, जिनमें बड़ी तादाद में मुसलमान भी शामिल थे। त्यागी ने सवाल उठाया कि जिस मुल्क पर आतंकवादियों को हथियार और ट्रेनिंग देने के आरोप हैं, वही आज संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से जांच की मांग कर रहा है।
कौन हैं क्षितिज त्यागी?
क्षितिज त्यागी 2012 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी हैं। वह जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र स्थित भारत के स्थायी मिशन में काउंसलर के पद पर तैनात हैं। उन्होंने IIT खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में B.Tech और थर्मल एनर्जी एंड एनवायरनमेंट में M.Tech किया है। विदेश सेवा में आने से पहले वह ऊर्जा मंत्रालय में वैज्ञानिक के तौर पर भी काम कर चुके हैं।
