गाज़ा में 60,000 से ज़्यादा बच्चों ने अपने माता-पिता में से किसी एक या दोनों को खो दिया है। हज़ारों बच्चों को बहुत छोटी उम्र में ही अपनों को खोने का गहरा दुख सहना पड़ा है। UNICEF ने शुक्रवार को बताया कि गाजा पट्टी में अनुमानित 60,000 फिलिस्तीनी बच्चों ने इजरायली युद्ध के दौरान सीज़फायर के बाद से अपने माता-पिता में से किसी एक या दोनों को खो दिया है।

साथ ही, लगभग हर बच्चे को किसी ना किसी तरह की मानसिक स्वास्थ्य सहायता की जरूरत है। UNICEF के प्रवक्ता रिकार्डो पाइरेस ने जिनेवा में पत्रकारों को बताया कि 10 अक्टूबर, 2026 को सीज़फायर समझौते की घोषणा के बाद से गाजा में 340 से अधिक बच्चे मारे गए हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं।

पाइरेस ने बताया कि पिछले दो हफ्तों में ही गाजा में हवाई हमलों, ड्रोन हमलों और गोलीबारी में पांच लड़कों और दो लड़कियों की मौत हो गई, जबकि कम से कम 33 बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अलावा, दो अन्य लड़कों की मौत पहले लगी चोटों की वजह हो गई। पाइरेस ने आगे कहा, “अक्टूबर 2023 में शुरू हुए इस युद्ध की वजह से लगभग 8,00,000 बच्चे बेघर हो गए हैं।

इनमें से ज्यादातर बच्चे तंबुओं में या बुरी तरह क्षतिग्रस्त इमारतों में रह रहे हैं।” उन्होंने कहा कि इजरायली युद्ध के नतीजे गाज़ा में बच्चों की ज़िंदगी के हर पहलू को प्रभावित करते हैं, जिसमें “वे कहां सोते हैं, क्या खाते हैं और क्या वे कुछ सीख सकते हैं,” जैसी परिस्थितियों पर सवाल खड़े है।
