ब्रिटिश पार्लियामेंट में जम्मू-कश्मीर पर भारत की संप्रभुता के समर्थन में प्रस्ताव पेश

 


लंदन: ब्रिटेन की पार्लियामेंट में जम्मू-कश्मीर पर भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की पुष्टि के लिए एक अहम प्रस्ताव पेश किया गया है। कंज़र्वेटिव पार्टी के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने 26 अक्टूबर को मनाए जाने वाले जम्मू-कश्मीर विलय दिवस के मौक़े पर हाउस ऑफ कॉमन्स में यह प्रस्ताव पेश किया। रिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग सियासी पार्टियों के तीन अन्य सांसदों ने भी इस प्रस्ताव पर दस्तख़त किए हैं। प्रस्ताव में 26 अक्टूबर 1947 को महाराजा हरि सिंह द्वारा विलय-पत्र पर दस्तख़त किए जाने का हवाला देते हुए जम्मू-कश्मीर पर भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की पुष्टि की गई है।

इसमें जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी वारदातों के कारण मारे गए और घायल हुए नागरिकों के प्रति हमदर्दी जताई गई है। साथ ही, पाक-अधिकृत इलाक़ों में आतंकवाद और कश्मीरी पंडितों की लगातार टारगेट किलिंग पर भी चिंता ज़ाहिर की गई है। प्रस्ताव में भारत और ब्रिटेन के बीच मज़बूत द्विपक्षीय रिश्तों, शांतिपूर्ण संवाद और विभिन्न समुदायों के बीच सद्भाव को बढ़ावा देने पर भी ज़ोर दिया गया है।

इस प्रस्ताव पर डेमोक्रेटिक यूनियनिस्ट पार्टी के जिम शैनन, लेबर पार्टी की गिल फर्निस और लिबरल डेमोक्रेट्स के ल्यूक टेलर ने भी दस्तख़त किए हैं। ग़ौरतलब है कि यह अर्ली डे मोशन है, जिसका मक़सद संसद का ध्यान किसी ख़ास मुद्दे की ओर आकर्षित करना है। इसे ब्रिटिश पार्लियामेंट द्वारा पारित क़ानून या ब्रिटिश हुकूमत की आधिकारिक नीति नहीं माना जाता।

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