फैक्ट चेक: रवीश कुमार के नाम पर वायरल वीडियो भ्रामक, डिजिटल एडिटिंग से फैलाया गया झूठा दावा

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा से जुड़े अकाउंट्स द्वारा शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि भारतीय पत्रकार रवीश कुमार ने मोदी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर अलग-थलग पड़ रहा है, जबकि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंच पर उभरता हुआ ताकतवर देश बन चुका है और “ग्लोबल नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर” की भूमिका निभा रहा है।

वायरल वीडियो को शेयर करते हुए The Whistle Blower नाम के यूजर ने अंग्रेजी में कैप्शन लिखा, जिसका हिन्दी अनुवाद इस प्रकार है—
ब्रेकिंग न्यूज़। यह इंडियन मीडिया कम्युनिटी का पूरा हमला है, रवीश कुमार ने मोदी सरकार पर भी तंज कसा। जब आप थिएटर में धुरंधर-2 देखकर सीटी बजा रहे थे, तो ग्लोबल मैप बदल गया और पाकिस्तान रीजनल पावर हाउस बन गया। यह मोदी की नाकामी है।

फैक्ट चेक

Times Headline की पड़ताल में यह दावा पूरी तरह भ्रामक निकला। जांच के दौरान सामने आया कि वायरल वीडियो असली नहीं, बल्कि डिजिटल रूप से एडिट किया गया है।

वीडियो के की-फ्रेम्स का रिवर्स इमेज सर्च करने पर इसका मूल स्रोत मिला, जो कि रवीश कुमार के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर 20 नवंबर 2025 को अपलोड किया गया था। इस असली वीडियो में उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव और नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण पर चर्चा की थी। वीडियो का शीर्षक था— “नीतीश के आगे नतमस्तक बीजेपी, सत्ता मिली मगर राजपाट नहीं”।

एडिटिंग का खुलासा

वायरल क्लिप में धुरंधर-2 फिल्म का जिक्र किया गया है, जो 19 मार्च 2026 को रिलीज हुई थी। जबकि मूल वीडियो नवंबर 2025 का है यानी फिल्म की रिलीज से करीब पांच महीने पहले का। इससे साफ संकेत मिलता है कि वीडियो में बाद में छेड़छाड़ कर नए ऑडियो/संदर्भ जोड़े गए हैं।

रवीश कुमार का बयान

इस पूरे मामले पर जब रवीश कुमार से संपर्क किया गया, तो उन्होंने इस वायरल वीडियो को पूरी तरह फर्जी और AI-जनरेटेड बताया।

निष्कर्ष

Times Headline की फैक्ट चेक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा वीडियो असली नहीं है। इसे डिजिटल एडिटिंग के जरिए भ्रामक तरीके से तैयार किया गया है। रवीश कुमार ने कभी भी पाकिस्तान को “वैश्विक मंच का केंद्र” या “ग्लोबल नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर” नहीं बताया।

इसलिए यूजर्स द्वारा किया जा रहा दावा पूरी तरह फेक है।

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