संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा के बाद, लेबनान में हिंसक टकराव की वजह से विस्थापित हुए कुछ लोगों ने अपने घर वापिस लौटने का निर्णय लिया था. मगर, लेबनान में युद्धविराम पर भ्रम फैलने और फिर से हमले शुरू होने की वजह से उन्हें थोड़े समय बाद ही विस्थापित होने के लिए मजबूर होना पड़ा है.
मध्य पूर्व में इसराइल, संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान में हिंसक टकराव भड़कने के बाद हिज़बुल्लाह ने इसराइल पर रॉकेट हमले किए थे. इसके बाद, इसराइली सैन्य बलों ने लेबनान में बड़े स्तर पर अपनी सैन्य कार्रवाई शुरू की थी.
लेबनान प्रशासन के अनुसार, इसराइली हवाई हमलों में मारे जाने वाले लोगों की संख्या 2 हज़ार का आँकड़ा पार कर गई है. देश भर में, विस्थापन, खाद्य असुरक्षा की स्थिति निरन्तर बिगड़ रही है और स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव भी.
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी संगठन ने बताया है कि 7 अप्रैल को अमेरिका और ईरान में युद्धविराम की घोषणा हुई, और लेबनान में जारी टकराव पर स्थिति स्पष्ट न होने के बावजूद लोग अपने घर लौट आए.
मगर, इस घोषणा के अगले ही दिन इसराइल ने यह स्पष्ट कर दिया कि लेबनान युद्धविराम का हिस्सा नहीं है और वहाँ फिर से बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए गए.
यूएन एजेंसी ने चेतावनी दी है कि इन परिस्थितियों में भय और अनिश्चितता बढ़ी है और बहुत से लोगों को महसूस हो रहा है कि देश में कोई भी स्थान सुरक्षित नहीं है.
इसराइली हमलों में लेबनान के बुनियादी प्रतिष्ठानों को भी क्षति पहुँची है जिनमें लितानी नदी पर एक अहम पुल भी है, जिससे हिंसा प्रभावित इलाक़ों में मानवीय सहायता उद्देश्यों से पहुँच प्रभावित हुई है.
वहीं, सीमा चौकियों पर आए व्यवधान से आवाजाही जटिल हुई है और लोगों के लिए अपने घर वापिस जाने के निर्णय ले पाना कठिन साबित हो रहा है.
आपात खाद्य सहायता की खेप
इस बीच, विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने लेबनान में खाद्य सहायता के लिए अपने प्रयास तेज़ किए हैं और हिंसा प्रभावित परिवारों के लिए 1 हज़ार मीट्रिक टन खाद्य रसद मुहैया कराई गई है.
यूएन एजेंसी के अनुसार, खाद्य सामान की खेप को तुर्कीये में लादा जा रहा है और फिर समुद्री मार्ग से बेरूत पहुँचाया जा रहा है. 104 मीट्रिक की पहली खेप वहाँ पहुँचाई जा चुकी है और अतिरिक्त सामग्री रास्ते में है.
खाने के लिए तैयार खाद्य सामग्री, जैसेकि चावल, दाल, फली समेत अन्य सामान उन इलाक़ों में विशेष रूप से अहम हैं, जहाँ खाना पकाने की सुविधा नहीं है और परिवार विस्थापित होने के लिए मजबूर हुए हैं.
WFP ने कहा है कि लेबनान में मानवीय सहायता आवश्यकताएँ निरन्तर बढ़ती जा रही हैं और इसीलिए पहले से ही खाद्य सामग्री की भंडारण व्यवस्था की जा रही है.
महिलाओं व लड़कियों के लिए संकट

यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य के लिए यूएन एजेंसी (UNFPA) ने चेतावनी दी है कि लेबनान में वर्तमान परिस्थितियों में महिलाओं व लड़कियों के तेज़ी से स्थिति बिगड़ रही है.
लेबनान में यूएन एजेंसी की प्रतिनिधि अनन्दिता फ़िलिपोस ने बताया कि 8 अप्रैल को हुए हवाई हमले से पूर्ण तबाही होने जैसा माहौल था, जब घनी आबादी वाले रिहायशी इलाक़ों में कुछ ही मिनटों के भीतर 100 से अधिक बम गिराए गए.
उन्होंने कहा कि, “यह अब केवल एक मानवीय आपात स्थिति ही नहीं है. यह पूर्ण स्तर पर एक संरक्षण व स्वास्थ्य संकट बन चुका है, और महिलाएँ व लड़कियाँ इसकी सबसे ऊँची क़ीमत चुका रही हैं.”
12 अप्रैल तक, लेबनान में हिंसक टकराव में 1,300 से अधिक महिलाओं की या तो जान गई है या वे हताहत हुए हैं. अस्पतालों, मातृत्व वार्ड और क्लीनिक क्षतिग्रस्त हुए हैं और उन्हें बन्द करने के लिए मजबूर होना पड़ा है, जिससे पहले से ही नाज़ुक स्थिति से गुज़र रही स्वास्थ्य प्रणाली पर दबाव और बढ़ गया है.
13 हज़ार से अधिक विस्थापित, गर्भवती महिलाओं को तत्काल स्वास्थ्य देखभाल की आवश्यकता है, और लाखों महिलाओं को लिंग-आधारित हिंसा समेत अन्य जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है.
Source : UN News
