लेबनान और इज़राइल के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक़ गुरुवार को इज़रायली सेना ने पूर्वी लेबनान के बेक़ा क्षेत्र और दक्षिणी लेबनान के कई कस्बों के लिए निकासी चेतावनी जारी करते हुए बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू किए। इसके जवाब में हिज़्बुल्लाह ने रॉकेट, मिसाइल और विस्फोटक ड्रोन हमलों का दावा किया है।
इज़रायली सेना ने लब्बाया, सहमार, तफ़हाता, कफ़र मल्की, यहमर, ऐन अल-तीनेह, हौमीन अल-फौका और मजराअत सिनाई के निवासियों को इलाका खाली करने की चेतावनी दी। इसके तुरंत बाद दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में हवाई हमले किए गए।
अल जज़ीरा के अनुसार, इज़रायली हमलों में तफ़हाता, ज़िब्क़ीन, सिद्दीक़ीन, मंसूरी और कफ़रा जैसे कस्बों को निशाना बनाया गया। वहीं पश्चिमी बेक़ा के लब्बाया और सहमार पर भी हमले हुए। इसके अलावा ऐन अल-तीनेह, जौर हाइट्स, हद्दाथा, कफ़र मल्की और क़सैबह इलाकों पर भी बमबारी की गई। ड्रोन हमलों में जरजूह और ज़रारियेह के बाहरी क्षेत्रों को भी निशाना बनाया गया, जबकि फ़रौन कस्बे पर दो अलग-अलग हमले दर्ज किए गए।
दूसरी ओर हिज़्बुल्लाह ने दावा किया कि उसने दक्षिणी लेबनान के दैर सिरयान में एक घर के भीतर मौजूद इज़रायली बलों पर रॉकेट और तोपखाने से हमला किया। संगठन ने यह भी कहा कि उसने बय्यादा से नक़ूरा की ओर बढ़ रही इज़रायली सेना पर रॉकेट बैराज दागा।
हिज़्बुल्लाह के मुताबिक़ उसने तल नहास क्षेत्र में कफ़रकेला के बाहरी इलाके के पास एक मर्कवा टैंक को गाइडेड मिसाइल से निशाना बनाया, जिसमें सीधा प्रहार हुआ। संगठन ने हौला कस्बे में एक अन्य मर्कवा टैंक और खियाम शहर में तकनीकी उपकरणों को निशाना बनाते हुए दो विस्फोटक ड्रोन हमले करने का भी दावा किया। बिंत जुबैल शहर में इज़रायली सैनिकों की एक जमावड़े पर भी ड्रोन हमला किए जाने की बात कही गई है।
इससे पहले बुधवार को लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया था कि माउंट लेबनान और दक्षिणी लेबनान में इज़रायली हमलों में 22 लोगों की मौत हुई।
रिपोर्ट के अनुसार, 17 अप्रैल को लागू हुए युद्धविराम और बाद में वॉशिंगटन में लेबनानी और इज़रायली प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत के बावजूद इज़रायली सेना दक्षिणी लेबनान में लगातार सैन्य कार्रवाई जारी रखे हुए है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब गुरुवार को वॉशिंगटन डी.सी. में दोनों पक्षों के बीच बातचीत का नया दौर प्रस्तावित है।
इसी बीच, रास नक़ूरा क्षेत्र में हिज़्बुल्लाह के एक ड्रोन हमले में तीन इज़रायली घायल हो गए। यदीओथ अहरोनोथ के अनुसार इनमें दो की हालत गंभीर है। चैनल 12 की रिपोर्ट में कहा गया कि घायलों में दो कर्मचारी एक कॉन्ट्रैक्टिंग कंपनी से जुड़े थे।
इज़रायली आर्मी रेडियो ने बताया कि रास नक़ूरा में चेतावनी सायरन सक्रिय नहीं हो सके और वायु रक्षा प्रणाली ड्रोन को रोकने में नाकाम रही। ड्रोन एक सैन्य स्थल के पास जाकर फट गया।
यदीओथ अहरोनोथ ने एक सूत्र के हवाले से दावा किया कि पिछले दो हफ्तों में हिज़्बुल्लाह के ड्रोन हमलों में घायल इज़रायलियों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। वहीं रंबम अस्पताल के एक अधिकारी ने कहा कि ड्रोन हमलों में घायल अधिकांश सैनिकों के चेहरे, गर्दन और हाथ प्रभावित हुए हैं।
अख़बार के मुताबिक़ एक सैन्य सूत्र ने स्वीकार किया कि लेबनान में तैनात इज़रायली सैनिक लगातार ड्रोन हमलों के डर में रह रहे हैं और सेना अब तक इन हमलों को रोकने का प्रभावी तरीका खोजने में सफल नहीं हो पाई है। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार फिलहाल ड्रोन हमलों का कोई पूरी तरह सफल समाधान मौजूद नहीं है, हालांकि सैनिकों को अतिरिक्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
