ग़ाज़ा पट्टी में स्थिति पर चर्चा के लिए गुरूवार को सुरक्षा परिषद की बैठक के दौरान यह चिन्ता जताई गई कि मध्य पूर्व क्षेत्र में घटनाक्रम की वजह से वहाँ की मानवीय स्थिति पर समुचित ध्यान नहीं दिया जा रहा है. आपात राहत मामलों के लिए यूएन प्रमुख टॉम फ़्लैचर ने ज़ोर देकर कहा कि विशाल मानवीय सहायता आवश्यकताओं के बीच आम फ़लस्तीनी अब और प्रतीक्षा नहीं कर सकते हैं और राहत प्रयासों के लिए जल्द से जल्द धन मुहैया कराया जाना होगा.
15 सदस्य देशों वाली सुरक्षा परिषद के 10 अस्थाई देशों ने चार स्थाई सदस्यों, चीन, फ़्राँस, रूसी महासंघ और ब्रिटेन के समर्थन से ग़ाज़ा में मानवीय स्थिति के मुद्दे पर यह बैठक बुलाए जाने का अनुरोध किया था.
ग़ाज़ा में अक्टूबर 2025 में इसराइल और हमास के बीच युद्धविराम लागू हो गया था लेकिन उसके बावजूद हमलों में लगभग 1 हज़ार फ़लस्तीनी मारे गए हैं और ग़ाज़ा के अधिकाँश लोग अब भी विस्थापित हैं.
यूएन मानवतावादी कार्यालय (OCHA) के अवर महासचिव टॉम फ़्लैचर ने सदस्य देशों के प्रतिनिधियों को बताया कि युद्धविराम के बाद से नाज़ुक हालात में प्रगति हुई है, और यह फ़लस्तीनियों की न्यूनतम आवश्यकता है.
उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद में, कई महीनों की गहन मध्यस्थता के बाद पिछले वर्ष ‘प्रस्ताव 2803’ को आशा भरे एक क्षण में पारित किया गया था, जिसके नतीजे सामने आए हैं.
इस प्रस्ताव से फ़लस्तीनी नागरिकों को इसराइली सैन्य हमलों में पहुँच रहे नुक़सान को कम करने में मदद मिली है. साथ ही, इसराइल में 7 अक्टूबर 2023 को हुए भयावह हमलों के दौरान हमास व अन्य हथियारबन्द गुटों द्वारा बन्धक बनाए गए लोगों की वापसी भी सुनिश्चित हुई है.
इसके अलावा, मानवीय सहायता पहुँचाने के मार्ग में पेश आने वाले अवरोध भी घटे हैं और अब ग़ाज़ा में खाद्य सुरक्षा की स्थिति पहले की तुलना में अपेक्षाकृत बेहतर है.
जल्द से जल्द सहायता
मगर, अवर महासचिव ने स्पष्ट किया कि प्रस्ताव 2803 और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प की 20 सूत्री योजना के ज़रिए इससे कहीं अधिक पाने का लक्ष्य रखा गया था.
“ये नाज़ुक प्रगति, फ़लस्तीनियों के लिए न्यूनतम आवश्यकता हैं, जो हम मुहैया करा सकते हैं और जिसकी अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के तहत आवश्यकता है.” यह बुनियादी ज़रूरतों का पूरा होना नहीं है.
टॉम फ़्लैचर के अनुसार, ग़ाज़ा में 70 प्रतिशत आबादी को पर्याप्त आश्रय व्यवस्था और अति-आवश्यक सेवाओं की दरकार है. सहायता प्रयासों के लिए मानवतावादी अपील के तहत केवल 25 फ़ीसदी को जुटा पाने में ही सफलता मिली है.
इसके मद्देनज़र, उन्होंने सुरक्षा परिषद से आग्रह किया है कि आम नागरिकों की रक्षा की जानी होगी, मानवीय सहायताकर्मियों के लिए सुरक्षित व बेरोकटोक मार्ग मुहैया कराया जाना होगा और संकट के स्तर के अनुरूप जल्द से जल्द वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था करनी होगी.
टॉम फ़्लैचर ने कहा कि ग़ाज़ा में आम नागरिक, अपनी आधारभूत ज़रूरतों को पूरा करने के लिए अब एक और कूटनैतिक क्षण की प्रतीक्षा नहीं कर सकते हैं.
Source : UN News
