फैक्ट चेक: क्या श्रीगंगानगर दुष्कर्म पीड़िता की हो गई मौत? वायरल दावे की जानिए पूरी सच्चाई

राजस्थान के श्रीगंगानगर में नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म का मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस घटना पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन और पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से वायरल होने लगा, जिसमें कहा गया कि आईसीयू में पांच दिनों तक इलाज के बाद पीड़िता की मौत हो गई।

Times Headline ने इस वायरल दावे की पड़ताल की और जांच में यह दावा पूरी तरह भ्रामक और फर्जी पाया गया।

क्या है वायरल दावा?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर कई यूजर्स ने दावा किया कि श्रीगंगानगर की नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

X यूजर राखी पवार ने एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा: “राजस्थान नारे तभी सार्थक हैं,जब हर बेटी सुरक्षित हो। श्रीगंगानगर जैसी घटनाएं कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। एक मासूम के साथ 32 लोगों ने की दरिंदगी इन्हें सजाए मौत मिलनी चाहिए। बच्ची हार गई ज़िंदगी की जंग अस्पताल में तोड़ा दम

इसी तरह X पर पक्की खबर नाम के एक अन्य यूजर ने पोस्ट करते हुए लिखा: “32 लोगों का शिकार हुई 13 वर्षीय बेटी अंशू बघेल जिंदगी और मौत के बीच ICU में आखिरी सांस ली। राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय बच्ची के साथ पांच अलग अलग होटलों में ले जाकर लगातार पांच दिनों तक 32 हैवानों ने नोचा था, आज इस बेटी ने दम तोड़ दिया। विनम्र श्रद्धांजलि

इसके अलावा भी कई सोशल मीडिया अकाउंट्स ने इसी तरह के दावे और पोस्ट साझा किए, जिससे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। जिसे यहां पर कर देखा जा सकता है।

फैक्ट चेक

Times Headline ने वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए स्वतंत्र रूप से जांच की। इस दौरान राजस्थान के वरिष्ठ पत्रकार मोहम्मद फारुख सुलेमानी से भी बातचीत की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीड़िता की मौत की खबर पूरी तरह निराधार है। उनके अनुसार पीड़िता जीवित है, सुरक्षित है और अपने परिवार के साथ है। सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा मृत्यु का दावा महज अफवाह है।

इसके बाद वायरल दावे से जुड़े प्रमुख कीवर्ड्स के जरिए ऑनलाइन जांच की गई। जांच के दौरान 7 जुलाई 2026 को श्रीगंगानगर पुलिस के आधिकारिक X अकाउंट पर जारी एक पोस्ट मिली, जिसमें वायरल दावे को स्पष्ट रूप से फर्जी बताया गया।

पुलिस ने अपने बयान में कहा कि नाबालिग दुष्कर्म मामले से जोड़कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे वीडियो, फोटो और अन्य सामग्री पूरी तरह भ्रामक हैं तथा उनका श्रीगंगानगर के वास्तविक मामले से कोई संबंध नहीं है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि पीड़िता पूरी तरह सुरक्षित है और अपने परिवार के साथ है। साथ ही चेतावनी दी गई कि पीड़िता की पहचान उजागर करने, उसकी मौत से जुड़ी झूठी खबरें फैलाने या फर्जी वीडियो साझा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने यह भी जानकारी दी कि मामले में अब तक 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश और जांच जारी है।

इसके अलावा 8 जुलाई 2026 को श्रीगंगानगर पुलिस के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक का एक वीडियो संदेश भी जारी किया गया। इस वीडियो में आमजन से अपील की गई कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो, फोटो और रील्स पर बिना सत्यापन विश्वास न करें। पुलिस ने दोहराया कि पीड़िता सुरक्षित है और उसके निधन से जुड़ी सभी खबरें पूरी तरह झूठी हैं। साथ ही अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

निष्कर्ष

Times Headline की फैक्ट चेक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि श्रीगंगानगर दुष्कर्म पीड़िता की मौत का वायरल दावा पूरी तरह फर्जी है। आधिकारिक पुलिस बयान और स्वतंत्र पुष्टि दोनों से यह साबित होता है कि पीड़िता जीवित है, सुरक्षित है और अपने परिवार के साथ है। इसलिए सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे मृत्यु संबंधी दावों पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें।

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