गाज़ा: गाज़ा में मानवीय संकट के बीच अब आपातकालीन राहत एवं बचाव सेवाएं भी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही हैं। गाज़ा सिविल डिफेंस ने संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) और अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठनों से तत्काल हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा है कि पिछले 12 दिनों से उसके कई महत्वपूर्ण आपातकालीन वाहन खराब पड़े हैं। इससे आग बुझाने, लोगों को मलबे से निकालने और एम्बुलेंस सेवाओं जैसी जरूरी आपात सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं।
अल-रिमाल सिविल डिफेंस सेंटर के निदेशक लेफ्टिनेंट कर्नल निज़ार अल-बरदिनी ने बताया कि विभाग का एक फायर ट्रक, एक रेस्क्यू वाहन और एक एम्बुलेंस फिलहाल सेवा से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि रखरखाव की बढ़ती लागत, स्थानीय बाजारों में स्पेयर पार्ट्स और लुब्रिकेंट्स की भारी कमी के कारण इन वाहनों की मरम्मत नहीं हो पा रही है।
उनके अनुसार, इन वाहनों के बंद रहने का सबसे अधिक असर पश्चिमी गाज़ा शहर में रहने वाले हजारों नागरिकों और विस्थापित लोगों पर पड़ रहा है। आपात स्थिति में राहत एवं बचाव दल समय पर घटनास्थल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे बचाव अभियान, अग्निशमन कार्य और एम्बुलेंस सेवाओं में लगातार देरी हो रही है। ऐसे समय में जब मानवीय जरूरतें लगातार बढ़ रही हैं, यह स्थिति और भी चिंताजनक बन गई है।
अल-बरदिनी ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठनों से अपील की कि वे अपनी मानवीय जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएं, ताकि खराब पड़े वाहनों की मरम्मत कर उन्हें दोबारा सेवा में लाया जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर ही सिविल डिफेंस की टीमें मौजूदा परिस्थितियों में नागरिकों की जान बचाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का कार्य प्रभावी ढंग से जारी रख सकेंगी।
उन्होंने यह भी बताया कि अल-रिमाल सिविल डिफेंस सेंटर के वाहन बंद होने के कारण पूरे गाज़ा गवर्नरेट में आपातकालीन सेवाओं का भार अब पूरी तरह अल-तुफ्फाह सिविल डिफेंस सेंटर पर आ गया है। इससे वहां उपलब्ध संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है और आपातकालीन प्रतिक्रिया का समय भी पहले की तुलना में अधिक हो गया है।
