20 साल बाद दिल्ली पुलिस में वापसी, 24 घंटे में बने कमिश्नर: अनुराग कुमार को मिली राजधानी की कमान

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के शीर्ष नेतृत्व में हुआ एक बड़ा और अप्रत्याशित प्रशासनिक बदलाव शुक्रवार को चर्चा का केंद्र बन गया। लगभग दो दशक तक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहने वाले 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग कुमार ने यूटी (UT) कैडर में वापसी के महज़ 24 घंटे के भीतर दिल्ली पुलिस कमिश्नर का पद संभाल लिया। गृह मंत्रालय की ओर से नियुक्ति आदेश जारी होने के करीब दो घंटे के भीतर उन्होंने पुलिस मुख्यालय पहुंचकर कार्यभार ग्रहण कर लिया। इतनी तेज़ी से हुए इस घटनाक्रम को दिल्ली पुलिस के हालिया इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल में से एक माना जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, 16 जुलाई 2026 को इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) से अनुराग कुमार की यूटी कैडर में आधिकारिक वापसी हुई। इसके अगले ही दिन, 17 जुलाई को गृह मंत्रालय ने उन्हें दिल्ली पुलिस का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त करने का आदेश जारी कर दिया। आदेश जारी होने के कुछ ही घंटों बाद उन्होंने पदभार संभाल लिया। रिपोर्ट में इसे दिल्ली पुलिस के इतिहास में पहली बार बताया गया है कि किसी नए पुलिस आयुक्त ने इतनी कम अवधि में कार्यभार ग्रहण किया हो।

इस बदलाव के साथ ही यूटी कैडर के 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी और तत्कालीन पुलिस कमिश्नर सतीश गोलछा का कार्यकाल भी समाप्त कर दिया गया। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, उनका कार्यकाल मई 2027 तक निर्धारित था और सेवानिवृत्ति में अभी लगभग 11 महीने शेष थे। आदेश के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से उपराज्यपाल (LG) कार्यालय में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए।

अनुराग कुमार यूटी कैडर के 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और मूल रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। करीब 20 वर्ष पहले वे दिल्ली पुलिस के उत्तरी जिले में डीसीपी के पद पर तैनात थे, जिसके बाद केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर इंटेलिजेंस ब्यूरो चले गए। दिल्ली पुलिस में यह उनकी अंतिम पोस्टिंग थी। नियुक्ति से पहले तक वे आईबी में स्पेशल डायरेक्टर जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत थे।

इसके अलावा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्होंने उत्तर-पूर्व क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। उनका यह कार्यकाल 3 जून 2024 से 4 अप्रैल 2025 तक रहा। अब 17 जुलाई 2026 से दिल्ली पुलिस प्रमुख के रूप में उनका कार्यकाल लगभग पांच वर्ष का रहेगा, जिससे उन्हें राजधानी की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अपेक्षाकृत लंबा समय मिलेगा।

प्रशासनिक जानकारों और वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि अनुराग कुमार की पहचान यूटी कैडर के ईमानदार, निष्कलंक और सख्त अधिकारियों में होती है। इंटेलिजेंस ब्यूरो में दो दशकों तक काम करने के कारण उन्हें देश की आंतरिक सुरक्षा, खुफिया तंत्र और रणनीतिक पुलिसिंग का व्यापक अनुभव प्राप्त है। माना जा रहा है कि इसी अनुभव और प्रशासनिक क्षमता को देखते हुए सरकार ने उन्हें राजधानी की पुलिस व्यवस्था की सबसे बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।

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