सोशल मीडिया पर केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि राजनाथ सिंह ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को आंदोलन खत्म करने की धमकी दी है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि अगर छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन बंद नहीं किया, तो सरकार अपनी पूरी ताकत का इस्तेमाल कर आंदोलन को समाप्त कर देगी।
हालांकि, Times Headline की पड़ताल में वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक पाया गया है। जांच में सामने आया कि राजनाथ सिंह के वास्तविक वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई और उसमें अलग ऑडियो जोड़कर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। मूल वीडियो में राजनाथ सिंह ने छात्रों को प्रदर्शन खत्म करने की कोई धमकी नहीं दी थी।
सोशल मीडिया पर क्या किया गया दावा?
सोशल साइट X (पूर्व ट्विटर) पर वेरिफाइड यूजर The Whistle Blower ने वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “ब्रेकिंग भारत के गृह मंत्री ने Gen Z छात्रों को चेतावनी दी है, ‘अगर उन छात्रों ने विरोध प्रदर्शन बंद नहीं किया, तो चाहे कितनी भी कीमत चुकानी पड़े, पूरी सरकारी ताकत का इस्तेमाल किया जाएगा और इस विरोध प्रदर्शन को खत्म कर दिया जाएगा।’”

इसके अलावा कई अन्य सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इसी दावे के साथ वीडियो को शेयर किया। वायरल पोस्ट में राजनाथ सिंह के बयान को छात्रों के विरोध-प्रदर्शन से जोड़कर पेश किया गया। जिसे यहां पर देखा जा सकता है।
Times Headline की पड़ताल में क्या सामने आया?
वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए Times Headline ने वीडियो के प्रमुख कीफ्रेम निकालकर रिवर्स इमेज सर्च के जरिए इसकी पड़ताल की। जांच के दौरान इसी घटना से जुड़ा एक मूल वीडियो X (पूर्व ट्विटर) पर डीडी न्यूज़ के आधिकारिक हैंडल से मिला।
22 जुलाई 2026 को शेयर किए गए इस वीडियो के साथ बताया गया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष पर NEET के मुद्दे को लेकर छात्रों और युवाओं के मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों और युवाओं के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
वीडियो के कैप्शन के अनुसार, राजनाथ सिंह ने विपक्ष पर संसदीय बहस के जरिए मुद्दे उठाने के बजाय ‘बनावटी’ गुस्सा पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने विपक्ष से सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन करने के बजाय संसद में मुद्दों पर चर्चा करने की अपील भी की।
इसी घटना से जुड़ा एक अन्य वीडियो समाचार एजेंसी ANI के आधिकारिक X हैंडल पर भी मिला। 22 जुलाई 2026 को साझा किए गए इस वीडियो में राजनाथ सिंह को कहते हुए सुना जा सकता है:
“…यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग हमारे देश के छात्रों और युवाओं को अपने राजनीतिक मकसद के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं। PM मोदी के नेतृत्व में, हमारी सरकार छात्रों और युवाओं की उम्मीदों को पूरा करने और उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है… मुझे भरोसा है कि भारत के समझदार युवा ऐसी सभी कोशिशों को समझते हैं और वे विकास और राष्ट्र-निर्माण का रास्ता चुनेंगे। हम यह पक्का करने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं कि किसी के साथ, खासकर हमारे युवाओं और छात्रों के साथ कोई अन्याय न हो। विपक्ष के कुछ नेता लोगों के बीच बनावटी गुस्सा पैदा कर रहे हैं। मेरा मानना है कि यह छात्रों को गुमराह करने की एक नाकाम कोशिश है। हम युवाओं के प्रति संवेदनशील हैं। मॉनसून सत्र चल रहा है और सरकार ने सभी मुद्दों पर चर्चा करने की बात कही है। लेकिन विपक्ष संसद के बजाय सड़कों पर समाधान खोजने की गलत कोशिश कर रहा है… अगर विपक्ष गंभीर है तो उन्हें सत्र में हंगामा नहीं करना चाहिए, बल्कि वहां मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए।”
मूल वीडियो और वायरल वीडियो की तुलना करने पर स्पष्ट होता है कि वायरल क्लिप में राजनाथ सिंह की आवाज और मूल बयान के बीच अंतर है। वायरल वीडियो में सुनाई दे रहा कथित धमकी वाला ऑडियो मूल वीडियो का हिस्सा नहीं है।
AI टूल्स से भी हुई जांच
वायरल वीडियो की तकनीकी जांच के लिए Times Headline ने Detect Video AI टूल का इस्तेमाल किया। जांच में वीडियो में AI हेरफेर के संकेत मिले। टूल के विश्लेषण के अनुसार, वीडियो में AI से छेड़छाड़ की 60 प्रतिशत संभावना सामने आई।

इसके बाद वीडियो को Hive Detect पर भी जांचा गया। इस जांच में वायरल वीडियो में AI-generated speech होने की संभावना 98.1 प्रतिशत बताई गई।

IT एक्सपर्ट ने भी बताया एडिटेड वीडियो
इस मामले में Times Headline ने IT एक्सपर्ट मयंक शर्मा से भी बातचीत की। उन्होंने वायरल वीडियो की जांच के बाद बताया कि वीडियो को एडिट करके उसमें छेड़छाड़ की गई है। उनके मुताबिक, वीडियो में अलग से ऑडियो जोड़ा गया है, जिससे राजनाथ सिंह के बयान को गलत संदर्भ में पेश किया गया।
निष्कर्ष
Times Headline की पड़ताल में सोशल मीडिया पर वायरल राजनाथ सिंह के वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक पाया गया। राजनाथ सिंह के मूल वीडियो में छात्रों को प्रदर्शन खत्म करने की धमकी देने जैसा कोई बयान नहीं है। वायरल वीडियो में मूल फुटेज के साथ छेड़छाड़ कर अलग ऑडियो जोड़ा गया है। तकनीकी जांच में भी वीडियो के AI-generated या AI-manipulated होने के संकेत मिले हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा दावा सही नहीं है।



