तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रज़ाई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जमीनी सैन्य कार्रवाई को लेकर खुली चुनौती दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर अमेरिका वास्तव में ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को लेकर गंभीर है, तो अमेरिकी सैनिकों को ईरान की जमीन पर क्यों नहीं भेजा जाता।
रज़ाई ने अमेरिकी रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर अमेरिका ईरान के खिलाफ युद्ध को लेकर गंभीर है, तो उसे अपने सैनिकों को जमीन पर उतारना चाहिए। उन्होंने अमेरिकी हवाई हमलों का जिक्र करते हुए पूछा कि अमेरिकी सेना केवल आसमान से हमला करके वापस क्यों चली जाती है। ईरानी सुरक्षा प्रमुख की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव के साथ-साथ बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं।
रज़ाई ने कहा कि अगर अमेरिका दोबारा ईरान पर हमला करता है तो तेहरान पहले की तुलना में अधिक ताकत के साथ जवाब देने के लिए तैयार है। ईरान ने अमेरिकी ठिकानों और क्षेत्र में अमेरिकी हितों को संभावित जवाबी कार्रवाई के दायरे में रखने के संकेत भी दिए हैं। दिलचस्प बात यह है कि सैन्य बयानबाजी के साथ ईरान बातचीत का रास्ता भी बंद नहीं कर रहा है। रज़ाई के मुताबिक, कतर के जरिए अमेरिका तक तेहरान की शर्तें पहुंचाई गई हैं। इनमें युद्ध समाप्त करना, ईरान के फ्रीज किए गए धन को जारी करना और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करना शामिल है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ और पूरे पश्चिम एशिया पर भी पड़ रहा है। हालिया घटनाक्रमों के बीच क्षेत्रीय सैन्य टकराव और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भी चिंताएं बढ़ी हैं।
