NSA अजीत डोभाल की युवाओं से अपील—‘राष्ट्रहित को व्यक्तिगत हित से ऊपर रखें’

देश पहले या निजी हित? NSA अजीत डोभाल ने देश के युवाओं से ऐसा संकल्प लेने की अपील की है, जो आने वाले भारत की दिशा तय कर सकता है।

भारत के युवाओं को देश निर्माण में अपनी भूमिका को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। पुणे में लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए डोभाल ने युवाओं से अपील की कि वे व्यक्तिगत और संकीर्ण हितों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में एक दुर्लभ अवसर सामने आया है और इसे हाथ से जाने नहीं देना चाहिए।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा कि आज के युवाओं को पूरी तरह राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित होना चाहिए। उन्होंने युवाओं से संकल्प लेने की अपील की कि वे हमेशा राष्ट्रीय हित में काम करेंगे और अगर कभी व्यक्तिगत हित या संकीर्ण हित राष्ट्रहित के रास्ते में आएं, तो उन्हें पीछे रखा जाएगा।

डोभाल ने कहा कि भारत के इतिहास में इस समय एक “दुर्लभ अवसर” सामने आया है और देश इस अवसर को गंवा नहीं सकता। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत इस मिशन में सफल होगा और इतिहास में एक नया अध्याय लिखेगा।

अपने संबोधन में NSA ने आज की युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता के वास्तविक अर्थ को समझने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को यह नहीं समझना चाहिए कि भारत हमेशा से वैसा ही था जैसा आज है। उनके मुताबिक, आज देश जिस स्वतंत्रता का आनंद ले रहा है, वह उन लोगों के बलिदान से हासिल हुई है जिन्होंने इसके लिए अपने प्राण तक न्योछावर कर दिए।

लोकमान्य तिलक का जिक्र करते हुए डोभाल ने कहा कि उन्होंने युवाओं में नई चेतना जगाने और गुलामी की जंजीरों को तोड़ने के लिए उन्हें प्रेरित किया था। इसी संदर्भ में उन्होंने तिलक के प्रसिद्ध नारे को आज के दौर से जोड़ते हुए कहा कि अगर तिलक आज होते, तो शायद उनका संदेश होता—भारत को मजबूत और विकसित बनाना मेरा जन्मसिद्ध कर्तव्य है और मैं इसे पूरा करूंगा।

डोभाल ने युवाओं को निर्णय लेने का एक रणनीतिक तरीका भी बताया, जिसे उन्होंने “VED Analysis” कहा। इसमें किसी लक्ष्य को Vital यानी अत्यंत महत्वपूर्ण, Essential यानी आवश्यक और Desirable यानी वांछनीय के रूप में देखा जाता है।

उन्होंने कहा कि अगर राष्ट्र की सेवा करना और देश को शक्तिशाली बनाना हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है, तो बाकी इच्छाएं उसके बाद आती हैं। व्यक्तिगत लाभ या किसी विशेष समूह, गांव अथवा समुदाय के हित के लिए ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाना चाहिए जिससे राष्ट्रहित को नुकसान पहुंचे।

डोभाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर कोई चीज राष्ट्रहित में नहीं है, तो वह उनके व्यक्तिगत हित में भी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत आज स्वतंत्र है, लेकिन देश के सामने अंदर और बाहर से अब भी बड़ी चुनौतियां मौजूद हैं। ऐसे में खासकर युवाओं की जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पुणे में आयोजित समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 प्रदान किया।

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