रांची: झारखंड में JPSC, JSSC CGL और दूसरी परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन जारी है। विधानसभा घेराव के लिए निकले छात्रों के मार्च को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें पुलिस के पास मौजूद एक बंदूक को पैलेट गन बताया जा रहा था। हालांकि रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने स्पष्ट किया कि यह पैलेट गन नहीं, बल्कि पेंटबॉल गन है।
इस स्पष्टीकरण के बाद सवाल उठने लगा कि आखिर पेंटबॉल गन होती क्या है और प्रदर्शन के दौरान पुलिस इसका इस्तेमाल क्यों कर सकती है?
पेंटबॉल गन कैसे काम करती है?
पेंटबॉल गन का इस्तेमाल आम तौर पर पेंटबॉल गेम में किया जाता है। इस खेल में एक बैटल ग्राउंड बनाया जाता है, जहां खिलाड़ी एक-दूसरे पर रंग वाली छोटी गोलियां चलाते हैं। गोली लक्ष्य से टकराने के बाद फटती है और उस पर रंग छोड़ देती है। इससे पता चलता है कि खिलाड़ी निशाने पर लग चुका है और गेम से बाहर हो गया है।
ये गोलियां जिलेटिन से बनी होती हैं और इनमें पानी में मिला रंग होता है। इन्हें फायर करने के लिए कंप्रेस्ड एयर का इस्तेमाल किया जाता है। ट्रिगर दबाने पर हवा के दबाव से गोली बैरल से बाहर निकलती है।
प्रदर्शन में इसका इस्तेमाल क्यों?
रांची सिटी एसपी के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान पेंटबॉल गन का इस्तेमाल उपद्रव करने वालों की पहचान के लिए किया जा सकता है। यानी अगर कोई प्रदर्शन के दौरान हिंसा या बवाल करता है, तो उस पर पेंटबॉल फायर किया जा सकता है। कपड़ों पर लगे रंग के निशान के जरिए बाद में ऐसे लोगों की पहचान करना आसान हो सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इन बंदूकों में पेपर बॉल्स का भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जिनमें मिर्च का इस्तेमाल किया जाता है।
पैलेट गन से क्यों अलग है?
पेंटबॉल गन और पैलेट गन एक जैसी नहीं हैं। पैलेट गन में सीसे से बने छर्रे इस्तेमाल होते हैं, जो शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं और खास तौर पर आंखों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।
इसके विपरीत, पेंटबॉल गन का इस्तेमाल लक्ष्य की पहचान के लिए रंग छोड़ने वाली गोलियों के साथ किया जाता है। गोली लगने पर हल्का झटका या शरीर के किसी हिस्से में दर्द महसूस हो सकता है, लेकिन इसका उद्देश्य लक्ष्य को रंग से चिन्हित करना है।
इसलिए झारखंड छात्र आंदोलन के दौरान वीडियो में दिखाई गई बंदूक को लेकर सोशल मीडिया पर पैलेट गन की जो चर्चा हुई, रांची पुलिस के स्पष्टीकरण के अनुसार वह पेंटबॉल गन थी।
