बिगड़ती सेहत के बीच 67 वर्षीय फिलिस्तीनी कैदी को 42 महीने की सजा, दिल की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं अबू रुमेलेह

जेनिन: 67 वर्षीय फिलिस्तीनी कैदी अता हसन अतिया रुमेलेत, जिन्हें अबू रुमेलेह के नाम से जाना जाता है, इनको एक इजरायली सैन्य अदालत ने 42 महीने जेल की सजा सुनाई है। इसके अलावा अदालत ने उन पर 5,000 शेकेल का जुर्माना भी लगाया है। यह सजा ऐसे समय में दी गई है जब उनकी स्वास्थ्य स्थिति लगातार बिगड़ रही है और उन्हें गंभीर हृदय संबंधी बीमारी के इलाज की जरूरत है।

इसी के साथ आपको बता दे की अबू रुमेलेह को 31 अक्टूबर 2023 को इजरायली बलों ने जेनिन स्थित उनके घर पर छापा मारकर गिरफ्तार किया था। उनके बेटे अला अबू रुमेलेह ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान उनके पिता के साथ मारपीट की गई। इसके बाद से वह कठिन हिरासत परिस्थितियों में रखे गए और उनके मामले में कई बार अदालत में सुनवाई हुई।

दिल की बीमारी, ओपन-हार्ट सर्जरी की जरूरत

परिवार के अनुसार, अबू रुमेलेह गंभीर हृदय संबंधी समस्या से जूझ रहे हैं और उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सा उपचार की जरूरत है। उनकी स्थिति ऐसी है कि उन्हें ओपन-हार्ट सर्जरी तक की आवश्यकता बताई गई है।

मार्च 2025 में बंदियों और पूर्व बंदियों के मामलों के आयोग ने भी उनकी सेहत को लेकर गंभीर चिंता जताई थी। आयोग ने बताया था कि उनका वजन 40 किलोग्राम से भी कम हो गया था। उन्हें दिल की बीमारी के लिए तत्काल इलाज और लगातार चिकित्सकीय निगरानी की जरूरत थी।

जेनिन में राजनीतिक और सामाजिक भूमिका

अबू रुमेलेह जेनिन गवर्नरेट के एक प्रमुख राजनीतिक और संगठनात्मक व्यक्ति हैं। वह फतह की जेनिन शाखा के सचिव हैं और कई वर्षों से क्षेत्र की राजनीतिक और सामुदायिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं।

और तो और उनकी सजा फिलिस्तीनी कैदियों की हिरासत स्थितियों और बीमार कैदियों को जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर जारी चिंता के बीच सामने आई है। रिपोर्ट में बीमार कैदियों के बुनियादी अधिकारों और उन्हें आवश्यक चिकित्सा देखभाल उपलब्ध कराने की जरूरत पर जोर दिया गया है।

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