संस्कृत विभाग, जामिया मिल्लिया इस्लामिया में भव्य संस्कृत दिवस का आयोजन

नई दिल्ली, 28 अगस्त 2026

भारत सरकार द्वारा श्रावणी पूर्णिमा (रक्षाबन्धन पर्व) संस्कृत-दिवस के रूप में घोषित है। इस अवसर पर देश के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में ‘संस्कृत सप्ताह’ का आयोजन किया जाता है। जामिया मिल्लिया इस्लामिया (केन्द्रीय विश्वविद्यालय), नई दिल्ली के संस्कृत विभाग द्वारा भी 27 अगस्त 2026 (गुरुवार) को संस्कृत सप्ताह महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में संस्कृतभाषा के प्रति अनुराग उत्पन्न करना, संस्कृत के अध्ययन-अध्यापन को प्रोत्साहित करना तथा भारतीय ज्ञान-परम्परा, साहित्य एवं संस्कृति के प्रति जागरूकता का संवर्धन करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारम्भ वैदिक मंगलाचरण एवं विभागाध्यक्ष तथा विशिष्ट अतिथिगण द्वारा दीपप्रज्ज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात् पवित्र क़ुर्आन की आयतों के पाठ द्वारा कार्यक्रम को आध्यात्मिक एवं मंगलमय स्वर प्रदान किया गया। इस प्रकार भारतीय वैदिक परम्परा तथा इस्लामी आध्यात्मिक परम्परा के समन्वय से कार्यक्रम का गरिमापूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण शुभारम्भ हुआ।

इस अवसर पर विभाग के छात्रों की सक्रिय सहभागिता से संस्कृतश्लोकोच्चारण, संस्कृतभाषण, संस्कृतलघुनाटक, संस्कृतगीतगायन, संस्कृतप्रश्नोत्तरी तथा संस्कृतकविसङ्गोष्ठी सहित विविध शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन प्रतियोगिताओं में लगभग 50 (पचास) से अधिक छात्रों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विजेता प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सान्त्वना पुरस्कार के साथ प्रमाण-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. जय प्रकाश नारायण महोदय ने की। उन्होंने अतिथियों का स्वागत अंग वस्त्र, स्मृति-चिह्न एवं लघु-पादक के द्वार किया तथा अपने स्वागत भाषण में संस्कृत सप्ताह के महत्त्व, जामिया के संस्कृत विभाग की विशेषता एवं संस्कृत भाषा के महत्त्व को विस्तार से बताया। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. मैत्रेयी कुमारी, आचार्या, संस्कृत विभाग, कमला नेहरू महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय उपस्थित रहीं। संस्कृत की प्रकाण्ड विदुषी प्रो. मैत्रेयी ने संस्कृत दिवस एवं संस्कृत में रोजगार के अवसर विषय पर सारगर्भित एवं छात्रोपयोगी व्याख्यान प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. विजय कुमार सिंह, संस्कृत-आचार्य, सी.आर.पी.एफ. पब्लिक विद्यालय, नई दिल्ली उपस्थित रहे, वे संस्कृत एवं नाट्य-अभिनय के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने संस्कृत नाटक के माध्यम से नवरसों का अत्यन्त प्रभावशाली एवं छात्रोपयोगी अभिनय-प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने उद्बोधन से भी छात्रों में अभिनय के प्रति जागरूकता उत्पन्न की।

सम्पूर्ण कार्यक्रम का संचालन संस्कृत भाषा में सम्पन्न हुआ। बी.ए. पञ्चम सेमेस्टर की छात्राएँ तसनीम एवं फ़िज़ा ने कार्यक्रम का संस्कृत में कुशलतापूर्वक संचालन कर सभी को आकर्षित एवं प्रभावित किया। विभागाध्यक्ष प्रो. जय प्रकाश नारायण ने संस्कृत सप्ताह महोत्सव के कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों के उत्साहवर्धन हेतु अपनी ओर से 101 /- (एक सौ एक रुपये) की सम्मान-राशि प्रदान किए जाने की घोषणा की। कार्यक्रम के अन्त में विभागीय अतिथि अध्यापक डॉ. राजीव कुमार मिश्र ने धन्यवाद-ज्ञापित करते हुए मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, शोधार्थियों, प्रतिभागियों एवं छात्रों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस सम्पूर्ण कार्यक्रम का सफल समन्वय एवं संयोजन विभागीय अध्यापिका डॉ. जहॉ आरा तथा डॉ. चन्द्रगुप्त भारतीय (अतिथि अध्यापक) ने अपने सभी सहयोगी अध्यापकों के साथ मिलकर किया। कार्यक्रम की समस्त रूपरेखा, व्यवस्थाएँ एवं क्रियान्वयन संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. जय प्रकाश नारायण महोदय के निर्देशन, मार्गदर्शन एवं संरक्षण में सुव्यवस्थित रूप से सम्पन्न हुए। उनके कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन ने कार्यक्रम को गरिमापूर्ण एवं सफल स्वरूप प्रदान किया।

संस्कृत सप्ताह महोत्सव के इस समारोह ने छात्रों में संस्कृत के प्रति उत्साह, आत्मविश्वास और सृजनात्मक अभिरुचि को और अधिक सुदृढ़ किया। छात्र इस कार्यक्रम से इतने उत्साहित हुए कि निरन्तर इस तरह के कार्यक्रम के लिए निवेदन किया। इसे ध्यान में रखते हुए विभागाध्यक्ष महोदय ने महीने में दो बार पाक्षिक गोष्ठी का निर्देश दिया, जिसमें विभाग के सभी शोधछात्र, एम.ए. एवं बी.ए. के छात्र सामूहिक रूप से भाग ग्रहण करेंगे।

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