सिंध के बंटवारे पर पाकिस्तान में बढ़ा टकराव, CM मुराद अली शाह की असीम मुनीर को खुली चेतावनी

इस्लामाबाद: पाकिस्तान में नए प्रांतों के गठन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। सिंध विधानसभा ने प्रांत के विभाजन या नए प्रशासनिक यूनिट बनाए जाने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से खारिज कर दिया है। सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और सेना प्रमुख असीम मुनीर को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि सिंध की तरफ देखने की भी कोशिश न की जाए। मुराद अली शाह ने नेशनल असेंबली को चेतावनी देते हुए कहा कि सिंध के विभाजन पर चर्चा तक नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार प्रांत की क्षेत्रीय अखंडता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं करेगी।

रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में मौजूदा चार प्रांतों को विभाजित कर 12 से 15 नए प्रांत बनाने की चर्चा चल रही है। इस प्रस्ताव को लेकर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) भी असहज है। खास तौर पर सिंध का विभाजन PPP के लिए बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है, क्योंकि सिंध पार्टी का मजबूत राजनीतिक गढ़ माना जाता है।

इस पूरे विवाद के बीच पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के लंदन जाने को भी नए प्रांतों के मुद्दे से जोड़कर देखा जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने लंदन में जरदारी से मुलाकात की। जरदारी कथित तौर पर चाहते हैं कि अगर नए प्रांतों के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ती है तो शुरुआत पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा से की जाए, जबकि सिंध को फिलहाल इससे अलग रखा जाए।

नए प्रांतों का मुद्दा अब केवल प्रशासनिक पुनर्गठन तक सीमित नहीं रह गया है। सिंध के मुख्यमंत्री का खुला विरोध और PPP नेतृत्व की नाराजगी पाकिस्तान में सैन्य प्रतिष्ठान और राजनीतिक दलों के बीच शक्ति-संतुलन को लेकर नई बहस को जन्म दे रही है। अगर केंद्र या सेना की ओर से सिंध के पुनर्गठन को लेकर कोई ठोस कदम आगे बढ़ता है, तो इससे शहबाज शरीफ सरकार के लिए भी राजनीतिक मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि PPP के समर्थन पर ही मौजूदा गठबंधन सरकार टिकी हुई है।

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