26 सितंबर 2026. तेहरान/न्यूयॉर्क: ईरान ने बेहद अहम समुद्री रास्ते होर्मुज़ जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने और अमेरिका के साथ बातचीत आगे बढ़ाने के लिए 7 दिन का रोडमैप पेश किया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान यह प्रस्ताव सामने रखा। अराघची के मुताबिक, इस योजना पर अमल तभी हो सकता है जब अमेरिका तेहरान की शर्तों को स्वीकार करे।
ईरान ने अमेरिका के सामने कई अहम शर्तें रखी हैं:
- ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी ख़त्म की जाए।
- ईरानी तेल के निर्यात पर लगी पाबंदियों में ढील दी जाए।
- लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्धविराम सुनिश्चित किया जाए।
- ईरान की फ्रीज़ की गई संपत्तियों को जारी किया जाए।
प्रस्ताव के मुताबिक, शुरुआती क़दमों को पूरा करने में 4 से 5 दिन लग सकते हैं। छठे दिन होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और सातवें दिन ईरान के परमाणु कार्यक्रम समेत व्यापक समझौते पर बातचीत शुरू करने की योजना है। ईरान ने यह प्रस्ताव क़तर के ज़रिए अमेरिका तक पहुंचाया है। क़तर दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
ईरान का कहना है कि यह योजना जून में हुए एक समझौता ज्ञापन पर आधारित है, जिसका मक़सद लड़ाई रोकना और समुद्री रास्तों पर आवाजाही बहाल करना था। हालांकि, बाद में यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। व्हाइट हाउस ने मध्यस्थों के ज़रिए जारी संपर्क को सकारात्मक बताया है, लेकिन अभी तक किसी अंतिम समझौते की घोषणा नहीं हुई है।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच स्थित है और दुनिया में तेल तथा गैस की सप्लाई के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। इस रास्ते पर जहाज़ों की आवाजाही प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाज़ार और ईंधन की क़ीमतों पर असर पड़ा है। ऐसे में इसे दोबारा खोलना वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज़ से बेहद अहम माना जा रहा है। फ़िलहाल ईरान का प्रस्ताव अमेरिका की मंज़ूरी पर निर्भर है। सात दिनों के भीतर होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है।
