इज़राइल द्वारा गाज़ा पर अवैध क़ब्ज़ा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इज़राइली क़ब्ज़ा बल जबरन फिलिस्तीनियों की ज़मीन खाली कराने में लगे हुए हैं। गाज़ा सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स ने चेतावनी दी है कि इज़रायल द्वारा तथाकथित “येलो लाइन” का पश्चिम की ओर विस्तार, गोलाबारी, गोलीबारी और विध्वंस के साथ, फिलिस्तीनियों को आबादी वाले क्षेत्रों से बाहर कर रहा है।

केंद्र ने कहा कि इज़रायली बल गाज़ा के 365 वर्ग किलोमीटर में से 70 प्रतिशत से अधिक हिस्से को नियंत्रित या वहां पहुंच को सीमित करते हैं, जिससे अनुमानित 15 प्रतिशत क्षेत्र ही रहने और ज़िंदगी गुज़र के लिए रह जाता है, जिसमें इज़राइली बमबारी में तबाह हुए क्षेत्र और रोज़ मरराह की ज़रूरत ना पूरी होने की वजह से अपनी ज़मीन को छोड़ने के लिए मजबूर है।
केंद्र ने चेतावनी दी कि बार-बार विस्थापन, शरण की कमी और पुनर्निर्माण पर प्रतिबंध नागरिकों की मुश्किलें मज़ीद बढ़ा रहा हैं और फिलिस्तीनियों की सुरक्षित वापसी में बाधा डालते हैं।

केंद्र ने कहा कि ये नियम चौथे जिनेवा कन्वेंशन के अनुच्छेद 49 के तहत चिंता पैदा करती हैं, जो कब्जे वाले क्षेत्र से संरक्षित फिलिस्तीनियों के जबरन स्थानांतरण को प्रतिबंधित करता है, सिवाय सीमित परिस्थितियों के।
केंद्र ने युद्धविराम के गारंटरों, विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका, मिस्र, कतर और तुर्किये से विस्तार को रोकने, नागरिकों की सुरक्षा करने, पुनर्निर्माण को सुविधाजनक बनाने और विस्थापित फिलिस्तीनियों की सुरक्षित और स्वैच्छिक वापसी सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
